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Firing at Varanasi Airport: वाराणसी हवाई अड्डे पर हुई फायरिंग, फ्लाइट में ले जा सकते हैं हथियार?

Sun, 16 Aug 2026 09:29 PM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

वाराणसी एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान लाइसेंसी पिस्टल से अचानक गोली चल गई और दो लोग घायल हो गए। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही हैक्या कोई यात्री लाइसेंसी हथियार लेकर फ्लाइट में सफर कर सकता है? अगर हां, तो इसके लिए क्या नियम हैं? क्या हथियार यात्री अपने साथ रख सकता है या इसे चेक-इन बैगेज में ही जमा करना होता है? और आखिर एयरपोर्ट पर हथियार की जांच और पैकिंग की प्रक्रिया कैसे होती है? आइए समझते हैं हवाई सफर में हथियारों को लेकर लागू नियमों को।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी एयरपोर्ट पर रविवार सुबह एक ऐसी घटना हुई, जिसने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ हवाई यात्रा के दौरान हथियार ले जाने के नियमों पर भी सवाल खड़े कर दिए।

लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर करीब सुबह 9:30 बजे हथियार की जांच के दौरान एक लाइसेंसी पिस्टल से अचानक गोली चल गई। घटना में दो सिक्योरिटी ऑफिसर घायल हो गए। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया।

जानकारी के मुताबिक, आजमगढ़ के रहने वाले कमलेश राय अपनी पत्नी के साथ मुंबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1810 पकड़ने एयरपोर्ट पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि यात्री ने फ्लाइट में लाइसेंसी पिस्टल ले जाने की जानकारी पहले ही दे दी थी।

सुरक्षा जांच के दौरान हथियार और कारतूस की गिनती की जा रही थी। इसी दौरान पिस्टल से अचानक गोली चल गई। गोली AAICLAS के एक सुरक्षाकर्मी के पैर में लगी, जबकि पास खड़े एक अन्य व्यक्ति के अंगूठे में भी चोट आई। दोनों घायलों को इलाज के लिए न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।

फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि पिस्टल से गोली किस वजह से चली। लेकिन इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि आखिर लाइसेंसी हथियार लेकर हवाई सफर करने के क्या नियम हैं?

दरअसल, भारतीय विमानन नियमों के तहत कुछ परिस्थितियों में वैध लाइसेंस वाले हथियारों को फ्लाइट में ले जाने की अनुमति है। लेकिन इसके लिए सख्त सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यात्री लाइसेंसी पिस्टल या रिवॉल्वर को अपने साथ केबिन में लेकर नहीं जा सकता। यानी हथियार को हैंड बैगेज में रखना या विमान के अंदर अपने पास रखना प्रतिबंधित है। हथियार को एयरलाइन के चेक-इन काउंटर पर घोषित करना होता है और सुरक्षा प्रक्रिया के तहत जमा करना पड़ता है।

इसके लिए यात्री के पास वैध लाइसेंस, हथियार से जुड़े जरूरी दस्तावेज और अन्य आवश्यक प्राधिकरण होना चाहिए। एयरपोर्ट पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है और हथियार को निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

हथियार को खाली यानी अनलोडेड स्थिति में रखना होता है और उसे गोला-बारूद से अलग पैक किया जाना चाहिए। कारतूस भी खुले में नहीं रखे जा सकते। उन्हें इस तरह सुरक्षित पैक करना होता है, जिससे किसी तरह की दुर्घटना या नुकसान की आशंका न रहे।

एयर इंडिया एक्सप्रेस के नियमों के मुताबिक, पात्र यात्री निर्धारित शर्तों के तहत लाइसेंसी रिवॉल्वर, पिस्तौल या शॉटगन और कारतूस को चेक-इन बैगेज के जरिए ले जा सकते हैं। इसके लिए कुल वजन की सीमा 5 किलोग्राम तक बताई गई है। यात्री को पहले हथियार की मौखिक घोषणा करनी होती है और इसके बाद चेक-इन तथा बैगेज स्क्रीनिंग की निर्धारित प्रक्रिया में लिखित घोषणा भी करनी होती है।

हालांकि, नियमों में कुछ विशेष श्रेणियों के लिए अलग प्रावधान भी हैं। आधिकारिक ड्यूटी पर यात्रा कर रहे रक्षा, अर्धसैनिक बल और पुलिसकर्मियों को जरूरी दस्तावेजों के आधार पर कुछ छूट मिल सकती है। वहीं खेल प्रतियोगिताओं के लिए हथियार ले जाने वाले खिलाड़ियों के लिए भी अलग नियम लागू हो सकते हैं।

यानी वाराणसी एयरपोर्ट की घटना से एक बात साफ है लाइसेंसी हथियार रखने की अनुमति का मतलब यह नहीं कि उसे सामान्य सामान की तरह विमान में ले जाया जा सकता है। हवाई सफर में हथियार के लिए अलग घोषणा, दस्तावेजों का सत्यापन, पैकिंग और सुरक्षा प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है। और इस पूरी प्रक्रिया में छोटी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

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