स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, "अगर पुलिस हमें अरेस्ट करने के लिए एक्शन भी लेती है, तो भी हम उनका विरोध नहीं करेंगे। हम कोऑपरेट करेंगे। जनता सब देख रही है. झूठ आखिरकार सामने आ ही जाता है। कहानी झूठी साबित होगी, आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों। हम आपके कैमरों की पहुंच में थे। प्रयागराज में हर जगह CCTV कैमरे लगे हैं. उन्होंने उन्हें हर जगह इसलिए लगाया था, ताकि अगर कुछ भी हो, तो वे वॉर रूम से मॉनिटर कर सकें और उनके पास सब कुछ रिकॉर्ड हो जाए। हमारी बस हमारे कैंप के अंदर पार्क नहीं थी, क्योंकि हमारे साथ पुलिस की बेरहमी के बाद, हम कैंप में नहीं घुसे थे। तो, इस स्थिति में, सब कुछ CCTV में कैप्चर हो गया है.
वे लड़के कभी हमारे गुरुकुल में नहीं घुसे, कभी पढ़े नहीं, और हमारा उनसे कोई लेना-देना नहीं है। वे हरदोई के एक स्कूल के स्टूडेंट हैं, जैसा कि केस में जमा की गई उनकी मार्कशीट से पता चलता है। तो, जब वे कभी यहां आए ही नहीं और उनका इस जगह से कोई लेना-देना नहीं है, तो कोई उनका कुछ कैसे कर सकता है? और तीसरा, वे यह कहकर कन्फ्यूजन फैला रहे हैं, "एक CD है" तो क्यों क्या इसे पब्लिक नहीं किया जा रहा है?"ये सभी सवाल आने वाले दिनों में पूछे जाएंगे, और उन्हें इनका जवाब देना होगा.जनता को समझना चाहिए कि कुछ लोग चोगा पहनकर सनातन धर्म को खत्म करने आए हैं। वे खुद को हिंदू कह रहे हैं। वे हिंदुओं के खिलाफ काम कर रहे हैं लेकिन वे खुद को हिंदू साबित करके ऐसा कर रहे हैं
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, "हम समय-समय पर जनता से मिलते हैं.यह सरकार चाहती है कि हम ही धर्मचारी और सरकार हो. देश में 4 शंकराचार्य हैं जो सनातन धर्म की रक्षा करते आए हैं। अब इन्होंने उन पर प्रहार करना शुरू कर दिया है.सच्चाई कभी समाप्त नहीं होती है बल्कि वह सदा बनी रहती है.गौ हत्या की बंदी की आवाज उठी है और हम इस आवाज को और बुलंद करते रहेंगे। ये लोग जनता का ध्यान दूसरी ओर ले जाना चाहते हैं.देश की जनता चाहती है कि गौ माता की रक्षा हो.चारों पीठों के शंकराचार्यों से मिलकर हम गौ माता की रक्षा का यह आंदोलन चला रहे हैं.जिन छात्रों की बात हो रही है, वे हमारे गुरुकुल के नहीं हैं