भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने फाल्टा में पुनर्मतदान पर कहा, "अब सब जहांगीर, बाबर अपना नाम वापस लेंगे क्योंकि बंगाल में निष्पक्ष चुनाव हो रहे हैं। बंगाल में बिना डर के चुनाव हो रहे हैं किसी को भय से आतंकित करके TMC का मॉडल खत्म हो गया है। सब औरंगज़ेब, बाबर, जहांगीर को लग रहा है कि वो बहुत बड़ी मार्जिन से हारेंगे इसलिए औरंगज़ेब, बाबर, जहांगीर चुनाव लड़ेने को कतरा रहे हैं क्योंकि बंगाल में सुशासन की सरकार है बंगाल में बंगाल के लोगों के साथ और विकास वाली सरकार है...इसलिए ये लोग अपने हार को देख रहे हैं-जहांगीर खान साहब। तो कौन ऐसा व्यक्ति है जो हारने के लिए चुनाव लड़ेगा इसलिए वो हार के डर से भाग रहे हैं।"
Gaurav Vallabh ने पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में होने वाले पुनर्मतदान को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल में अब निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव हो रहे हैं, इसलिए जिन नेताओं पर पहले दबाव, धमकी और चुनावी हिंसा के आरोप लगते रहे हैं, वे चुनाव मैदान से पीछे हट रहे हैं। गौरव वल्लभ ने अपने बयान में “जहांगीर, बाबर और औरंगज़ेब” जैसे नामों का प्रतीकात्मक रूप से इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसे लोग अब अपना नाम वापस लेने लगे हैं क्योंकि उन्हें अपनी हार साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पश्चिम बंगाल में TMC का चुनावी मॉडल डर और आतंक पर आधारित था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और लोग बिना भय के मतदान कर पा रहे हैं।
गौरव वल्लभ ने कहा कि बंगाल में अब सुशासन और विकास की राजनीति हो रही है तथा राज्य की जनता खुलकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले रही है। उनका कहना था कि जब निष्पक्ष मतदान होता है तो वे नेता, जो पहले दबाव की राजनीति से जीत हासिल करते थे, अब चुनाव लड़ने से कतरा रहे हैं। यह बयान उस समय आया जब फाल्टा सीट पर पुनर्मतदान की प्रक्रिया चल रही है और TMC उम्मीदवार Jahangir Khan के चुनाव मैदान से हटने की खबर सामने आई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जहांगीर खान ने पुनर्मतदान से खुद को अलग करने का फैसला लिया, जिस पर भाजपा नेताओं ने दावा किया कि यह उनकी संभावित हार का संकेत है। दूसरी ओर TMC ने कहा कि जहांगीर खान का फैसला व्यक्तिगत था और पार्टी ने उन पर कोई दबाव नहीं डाला। फाल्टा सीट पर पुनर्मतदान इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि चुनाव आयोग को पहले हुए मतदान में कथित गड़बड़ियों, बूथ कब्जाने, मतदाताओं को डराने और EVM से जुड़ी शिकायतें मिली थीं। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए पूरे क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया। भाजपा लगातार आरोप लगा रही है कि TMC शासन में लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हुई थी, जबकि TMC इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है। गौरव वल्लभ के बयान ने इस पूरे राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है तथा पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी माहौल और अधिक गर्म हो गया है।