भारतीय सेना के जवानों ने जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर तैनात रहते हुए दिवाली का त्योहार बड़े जोश और उत्साह के साथ मनाया है। जवानों ने दीवाली की पूजा की, दीये जलाए, लक्ष्मी पूजा की, गीत गाए, नृत्य किया और आतिशबाजी (पटाखे) भी की। ये उत्सव उन्होंने अपने साथी जवानों और अधिकारियों के साथ एक परिवार की तरह मनाए।
जवानों ने देशवासियों को दीवाली की शुभकामनाएं दीं और उन्हें आश्वासन दिया कि वे सीमा पर मजबूती से खड़े हैं, ताकि देशवासी अपने परिवारों के साथ खुशी और शांति से त्योहार मना सकें। त्योहार के बावजूद, जवानों ने अपनी उच्च सतर्कता और चौकसी बनाए रखी, ताकि सीमा पार से किसी भी घुसपैठ या नापाक गतिविधि को रोका जा सके।
कई जगहों पर सेना के जवानों ने स्थानीय निवासियों के साथ भी मिठाइयों का आदान-प्रदान करके और दीये जलाकर दिवाली मनाई, जिससे एकता और सौहार्द का संदेश गया। यह उत्सव दिखाता है कि घर से दूर रहते हुए भी, सेना के जवान अपने दायित्वों के साथ-साथ त्योहारों को पूरे उत्साह और देशप्रेम की भावना के साथ मनाते हैं।
जवानों ने अपनी चौकियों और बंकरों को सजाया। उन्होंने दीये जलाए और लक्ष्मी पूजा की। जम्मू और कश्मीर के अखनूर सेक्टर जैसे क्षेत्रों में, जवानों ने सीमा पर लगी कंटीली बाड़ पर भी दीये रोशन किए, जो अंधेरे पर उजाले की जीत का प्रतीक था। जवानों ने इस त्योहार को खुशी से मनाया। उन्होंने एक साथ नृत्य किया, गीत गाए और पटाखे भी फोड़े। इससे उन्हें अपने परिवारों से दूर रहने के बावजूद त्योहार का माहौल मिला।त्योहार के बावजूद, LoC पर उच्च स्तर की सतर्कता और चौकसी बनी रही। जवानों ने दुश्मन की किसी भी नापाक हरकत या घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद रहकर अपनी ड्यूटी निभाई।LoC पर जवानों की दिवाली देश की सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और अदम्य भावना का प्रतीक है, जिसके कारण देशवासी अपने घरों में सुरक्षित रूप से त्योहार मना पाते हैं।