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26/11 जैसा हमला कर दिसंबर में दिल्ली दहलाना चाहता था डॉ. उमर?

अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Updated Thu, 13 Nov 2025 10:49 AM IST

देश की राजधानी दिल्ली सोमवार शाम उस वक्त दहल गई जब लाल किले के नजदीक एक आई20 कार में हुए जोरदार विस्फोट ने 9 लोगों की जान ले ली। अब जांच एजेंसियों ने इस धमाके की गुत्थी लगभग सुलझा ली है। डीएनए रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि इस विस्फोट को पुलवामा निवासी डॉ. उमर नबी ने अंजाम दिया था। कार में जो चिथड़ों में मिली लाश थी, वह उसी की थी।

एनआईए और दिल्ली पुलिस की जांच में अब यह भी साफ हो गया है कि उमर सिर्फ एक कार में बम नहीं रख रहा था, बल्कि वह 6 दिसंबर को बाबरी विध्वंस की बरसी पर 26/11 जैसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश में जुटा था। उसके निशाने पर लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टीट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर थे।

जांच एजेंसियों का कहना है कि उमर और उसके साथी कार बम बनाने की कोशिश में थे। उसने इंटरनेट से जानकारी जुटाकर आई20 में विस्फोटक भर रखे थे। लेकिन 10 नवंबर को फरीदाबाद में उसके साथियों की गिरफ्तारी की खबर से वह डर गया और जल्दबाजी में खुद ही विस्फोट कर बैठा। एनआईए की रिपोर्ट के मुताबिक, यह “एक असफल आतंकी हमले का पूर्व विस्फोट” था।

फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से 40 से अधिक सैंपल जुटाए हैं। इनमें दो अलग-अलग विस्फोटक पदार्थों के अंश मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गहरी चोटें और अत्यधिक रक्तस्राव बताया गया है।

धमाके की जांच फरीदाबाद में पकड़े गए “सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल” से जुड़ी बताई जा रही है। यहां से आठ संदिग्ध डॉक्टर और शिक्षाविद हिरासत में हैं। पूछताछ में पता चला कि इस मॉड्यूल का नेतृत्व डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. उमर नबी कर रहे थे।
मुजम्मिल ने जनवरी में कई बार लाल किले की रेकी की थी। उसके फोन डाटा और टॉवर लोकेशन से यह साबित हुआ कि वह 26 जनवरी की परेड के दौरान भी इलाके में था।

एजेंसियों को यह भी पता चला है कि उमर और मुजम्मिल तुर्किये गए थे, जहां संभवतः वे विदेशी हैंडलरों से मिले। उनके पासपोर्ट और फोन डेटा से यह जानकारी मिली है। हालांकि तुर्किये सरकार ने किसी भी आतंकी गतिविधि से जुड़ाव से इंकार किया है।

इस पूरे मॉड्यूल से जुड़े दो डॉक्टरों का संबंध हरियाणा के अल फलाह विश्वविद्यालय से बताया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बयान जारी कर कहा कि उनका इन व्यक्तियों से केवल “पेशेवर संबंध” था। संस्थान ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वह “राष्ट्र की एकजुटता के साथ खड़ा है”।

जांच के दौरान हरियाणा के मेवात से मौलवी इश्तियाक को गिरफ्तार किया गया है। उसके किराए के घर से 2500 किलो से अधिक विस्फोटक बरामद किया गया। एनएसजी और एनआईए की टीम ने इलाके के दस घर खाली कराए और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

उमर की एक अन्य लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट कार भी फरीदाबाद के खंदावली गांव से बरामद की गई है। माना जा रहा है कि इसका इस्तेमाल विस्फोटकों की ढुलाई में हुआ था।

उधर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकी नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए जमात-ए-इस्लामी से जुड़े 500 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है। 12 डॉक्टरों को हिरासत में लिया गया है। इनमें डॉ. मुजम्मिल की बहन अस्मत उर्फ ‘जासी’ भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई दक्षिण कश्मीर के आतंकी ढांचे को ध्वस्त करने के लिए की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस घटना को “जघन्य आतंकी वारदात” बताया गया। बैठक में दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई। प्रस्ताव में कहा गया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी शून्य सहनशीलता की नीति पर अडिग रहेगा।

सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

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