दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने मालवीय नगर अग्निकांड पर कहा, "इस दुखद घटना पर पूरा प्रशासन चिंतित है और हम सब मिलकर ऐसी घटनाएं दोबारा न हो इसके संदर्भ में जिन इमारतों के पास ज़रूरी दस्तावेज़ और परमिट नहीं हैं जैसे कि वह इमारत जहां आज यह दुखद घटना हुई, जिसे 2024 में 6 कमरों वाला BnB चलाने की अनुमति दी गई थी हमने आज फ़ैसला लिया है कि ऐसी सभी इमारतें जिनके पास उचित NOC नहीं हैं, उन्हें सील कर दिया जाएगा, और नियमों का उल्लंघन करने वालों को दी गई अनुमतियाँ रद्द कर दी जाएँगी। इसके अलावा कई ऐसी रिहायशी इमारतों के लिए जिन्हें 'फायर NOC' की ज़रूरत नहीं होती, हम साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाएंगे ताकि जनता को शिक्षित किया जा सके और उन्हें सुरक्षा नियमों के बारे में तैयार किया जा सके। इस घटना के लिए ज़िम्मेदार दोषियों को विशेष रूप से इमारत के मालिक को, जिसने इन नियमों का उल्लंघन किया है उसे गिरफ़्तार किया जाएगा। आज ज़िला मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में DC, SDM और बिजली विभाग मिलकर ऐसी सभी इमारतों का निरीक्षण कर रहे हैं इनको तत्काल प्रभाव से सील कर दिया जाएगा
दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने मालवीय नगर में हुई भीषण अग्निकांड की घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे पूरा प्रशासन चिंतित है। उन्होंने बताया कि सरकार और संबंधित विभाग इस घटना की गंभीरता से जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मंत्री के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि जिस इमारत में आग लगी, उसे वर्ष 2024 में केवल छह कमरों वाले बीएनबी (बेड एंड ब्रेकफास्ट) संचालन की अनुमति दी गई थी, लेकिन सुरक्षा मानकों और आवश्यक दस्तावेजों के पालन को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यावसायिक या आवासीय परिसर के लिए अग्नि सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना अनिवार्य है और यदि कोई संस्था या भवन मालिक इन नियमों की अनदेखी करता है तो इससे लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। आशीष सूद ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार ने इस घटना के बाद कड़ा रुख अपनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि जिन इमारतों के पास आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), वैध परमिट अथवा अन्य अनिवार्य दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने फैसला लिया है कि ऐसी सभी इमारतों को सील किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों को दी गई अनुमतियां भी रद्द कर दी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और इसके लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे राजधानी में संचालित बीएनबी, गेस्ट हाउस, होटल तथा अन्य व्यावसायिक परिसरों का व्यापक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी इकाइयां निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी भी भवन में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आशीष सूद ने यह भी कहा कि सरकार पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़ी है तथा घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि कड़े कदमों और नियमित निगरानी के माध्यम से भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकेगा और राजधानी में लोगों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।