छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा इलाके में भारी बारिश और बाढ़ के कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावित लोग शिविर में रहने को मजबूर हैं।वहीं बाढ़ के बाद चलाए जा रहे राहत कार्यों पर दंतेवाड़ा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा, "26 अगस्त को दंतेवाड़ा ज़िले में 118 मिमी बारिश दर्ज की गई...ज़िले की सभी नदियों और नालों में अत्यधिक पानी आ गया और ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हुई...सभी ग्रामीण इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया...कोई जनहानि नहीं हुई है...राहत कार्यों में तेज़ी लाई गई। बाढ़ में 1102 लोग प्रभावित हुए थे, जिनके लिए 27 अगस्त को 27 राहत शिविर बनाए गए...राहत शिविरों में खाना, कपड़े, कंबल और दूसरी सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं...सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और उनके जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है...इंटरनेट और मोबाइल सुविधाएं भी बहाल कर दी गई हैं...यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी को राहत मिले
मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में स्थापित स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल स्टाफ से दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों की मौजूदगी और प्राथमिक उपचार की स्थिति की जानकारी ली। प्रभावित लोगों से संवाद करते हुए उन्होंने जाना कि प्रशासन की सहायता से वे संतुष्ट हैं या नहीं। पीड़ितों ने जिला प्रशासन के त्वरित सहयोग पर संतोष जताया। मुख्यमंत्री साय ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए पुल का निरीक्षण किया और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था व पुनर्निर्माण की स्थिति का आंकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क, बिजली, और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं जल्द बहाल की जाएं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दंतेवाड़ा कलेक्टोरेट में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गांवों में प्रशासनिक टीमों की निरंतर मौजूदगी बनी रहे और हर जरूरतमंद तक राहत सामग्री समय पर पहुंचे।