“मुसीबतों में जो अपनों की जान बचा लें,
वही सच्चे माई-बाप की पहचान बता दें।
गर्दन तक पानी में भी जो हौसले से लड़ जाएं,
उनकी ये कहानी आज हर दिल को हिला जाए।”
प्रयागराज से एक वीडियो आया है, जो आपको सिनेमा के पर्दे से उठाकर हकीकत की ज़मीन पर खड़ा कर देगा। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो को देखकर हर कोई ‘बाहुबली’ फिल्म की शिवगामी देवी को याद कर रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार कोई एक्ट्रेस नहीं, बल्कि एक असली मां और बाप ने अपने नवजात को बचाने के लिए बाढ़ की लहरों से मुकाबला किया है।
ये दृश्य प्रयागराज के छोटा बघाड़ा इलाके का बताया जा रहा है, जहां गंगा और यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पार कर चुका है। कई बस्तियों में पानी घुस चुका है, सड़कें नदियों में तब्दील हो चुकी हैं और लोगों को अपने घरों से निकलने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा।
इन्हीं हालातों के बीच एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक दंपत्ति गर्दन तक पानी में डूबे हुए दिखाई दे रहे हैं। पिता ने अपने नवजात बच्चे को सिर से ऊपर उठाया हुआ है, ताकि पानी से उसका शरीर भीग न जाए। मां उसके साथ पीछे चल रही है। दोनों धीरे-धीरे जलराशि से गुजरते हैं, हर कदम पर अपनी जान को जोखिम में डालते हुए।
वीडियो का सबसे भावुक कर देने वाला हिस्सा तब आता है, जब पिता उस नवजात को एक दूसरे युवक के पास सौंप देता है, जो संभवतः सुरक्षित स्थान पर खड़ा था। यह दृश्य मानो हर मां-बाप की भावना का जीता-जागता उदाहरण बन गया।
जहां एक तरफ लोग इस माता-पिता के साहस को सलाम कर रहे हैं, वहीं स्थानीय प्रशासन की तैयारी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रयागराज जैसे बड़े शहर में यदि लोग गर्दन तक पानी में डूबकर अपने बच्चों को बचा रहे हैं, तो यह आपदा प्रबंधन तंत्र की गंभीर विफलता को दर्शाता है।
स्थानीय लोग कह रहे हैं कि बाढ़ की आशंका पहले से थी, लेकिन न तो समुचित राहत कैंप लगे, न ही नाव या रेस्क्यू टीम की समय पर उपलब्धता रही। कई जगह बिजली और पीने के पानी की व्यवस्था भी ठप हो गई है।
बाढ़ विभाग के अनुसार, गंगा और यमुना दोनों ही नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। प्रयागराज के कई इलाके – छोटा बघाड़ा, दारागंज, रसूलाबाद, झूंसी और कटरा – पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं।
सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज करने की बात कही है, लेकिन फिलहाल लोग स्वयं ही अपनी सुरक्षा का जिम्मा उठाने को मजबूर हैं।
बचपन को सुरक्षित रखने की इस जद्दोजहद में यह मां-बाप अकेले नहीं हैं, लेकिन उनका वीडियो इस वक्त पूरे देश में एक साहसिक प्रतीक बन चुका है।
यह वीडियो हर उस इंसान के लिए एक प्रेरणा है, जो कठिनाइयों में हार मान लेता है। यह दिखाता है कि जब बात अपनों की हो, तो इंसान हर मुसीबत को पार कर सकता है।
जब आप उस वीडियो को देखेंगे, तो शायद आपकी आंखें भी भर आएंगी। यह सिर्फ एक बाढ़ की कहानी नहीं है, यह प्यार, ज़िम्मेदारी और इंसानियत की कहानी है। और यही कहानियां हमें बताती हैं कि भारत सिर्फ एक देश नहीं, बल्कि जज़्बातों से बंधा हुआ परिवार है।