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Congress CWC Meeting: बिहारमें हो रही बैठक में भाग लेंगे 85 नेता, 4 बिहारियों में कौन-कौन शामिल?

Wed, 24 Sep 2025 09:35 AM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में सदियों बाद खूब तहल पहल देखने को मिल रही है। राहुल गांधी पटना आ-जा रहे। आज तो उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति की यहीं बैठक भी रख दी है। बिहार चुनाव से पहले हो रही इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के कुछ ही नेताओं को प्रवेश मिलेगा। कांग्रेस कार्यसमिति में अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा 85 सदस्य हैं। इनमें चार बिहारी हैं। चूंकि विस्तारित बैठक है, तो इनके अलावा दो और बिहारी को औपचारिक तौर पर इस बैठक में रहना है।कांग्रेस कार्यसमिति में तीन तरह के सदस्य होते हैं- सदस्य, स्थायी आमंत्रित सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य। बाबू जगजीवन राम की बेटी, बिहार में कांग्रेस का दलित चेहरा, लोकसभा की पहली महिला अध्यक्ष रह चुकीं मीरा कुमार कांग्रेस कार्यसमिति की 'सदस्य' हैं। 80 साल की हो चुकीं मीरा कुमार बिहार की राजनीति में कभी-कभी ही दिखती हैं।दूसरे 'सदस्य' तारिक अनवर हैं, जिनका पिछले दिनों कार्यकर्ताओं के कंधे पर बैठा वीडियो वायरल हुआ था। पिछली बार हार के बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में कटिहार से सांसद चुने गए।

इसलिए, बीच-बीच में बिहार की राजनीति में सक्रिय दिखते हैं। अब बिहार विधानसभा चुनाव के हिसाब से देखें तो मीरा कुमार को लोग सोनिया गांधी-राहुल गांधी के आसपास वाला मानने के कारण सीटों के जुगाड़ में काम लायक मानते हैं। तारिक अनवर को बिहार कांग्रेस का अल्पसंख्यक चेहरा मानते हुए सीमांचल के जिलों के मुस्लिम नेता उनके पास सीटों के जुगाड़ के लिए पहुंच रहे हैं। कांग्रेस कार्यसमिति में 34 स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं। इनमें दो बिहारी हैं। एक तो बिहार प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह हैं और दूसरे कन्हैया कुमार। अखिलेश प्रसाद सिंह बिहार कांग्रेस में अगड़ा चेहरा हैं। राज्यसभा सांसद हैं। राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के साथ रहे थे और अब भी उनकी पहचान में यह शामिल है। मार्च में बिहार प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के पीछे यह भी एक कारण बताया गया था। प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद केंद्रीय नेतृत्व से नाराजगी जता रहे थे तो अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उन्हें स्थायी आमंत्रित सदस्य का दर्जा दिया। जहां तक बिहार चुनाव का सवाल है तो उन्होंने पिछले दिनों सदाकत आश्रम में ही टिकट के लिए आए नेताओं की मदद करने की बात तो कही थी, लेकिन यह भी कह दिया था कि कांग्रेस में सबकुछ प्रदेश अध्यक्ष होते हैं। बाकी कोई नहीं चलता है। अब भी शहरी विधानसभा क्षेत्रों में अगड़े या पढ़े-लिखे वोटरों को देखते हुए कांग्रेस के टिकटार्थी अखिलेश सिंह से जुगाड़ लगा रहे हैं।जहां तक कन्हैया कुमार का सवाल है तो बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की कुर्सी दिलाने में उनके योगदान की चर्चा होती रही है। खुद बेगूसराय से दिल्ली तक लोकसभा चुनाव में जीत नहीं दर्ज कर सके हैं और पिछले दिनों मंचों से उनके भी उतारे जाने का वीडियो वायरल हुआ था, इसलिए उनकी पहुंच का असल अंदाजा कोई टिकटार्थी नहीं लगा पा रहा है। इसके बावजूद, राहुल गांधी और बिहार प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु के करीबी होने के नाते टिकटार्थी उनसे उम्मीद जरूर लगाए बैठे हैं।

.कांग्रेस कार्यसमिति में 15 सदस्य विशेष आमंत्रित हैं। आज पटना में होने वाली बैठक में इस श्रेणी के कुछ सदस्य आ सकते हैं। अब तक जिनके नाम पर कांग्रेसी ठप्पा नहीं लगा है, उन्हें भी शामिल कर लिया जाए तो चौंकाने वाला नहीं होगा। वैसे, आज की बैठक में बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक राजेश राम रहेंगे। उनके अलावा, बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान को इस बैठक में शामिल होना है। बाकी राज्यों में जहां कांग्रेसी सीएम या डिप्टी सीएम हैं- विस्तारित बैठक के लिए पटना आ चुके हैं। बिहार में कांग्रेस विपक्षी दल है। 243 में से उसके 19 विधायक चुने गए थे। उनमें भी दो विधायक 2024 में सत्ता के साथ चले गए, हालांकि उनकी मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया बिहार विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव के पास लंबित पड़ी है।
 

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