जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला रविवार को सड़क मार्ग से शीतकालीन राजधानी जम्मू पहुंचे और रणनीतिक जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जारी मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। यह महत्वपूर्ण राजमार्ग 250 किलोमीटर लंबा है और यह कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र बारहमासी मार्ग है, लेकिन इस सप्ताह की शुरुआत में हुई मूसलाधार बारिश के कारण हुए भूस्खलन और सड़क धंसने के कारण यह राजमार्ग लगातार छठे दिन भी बंद रहा। वहीं जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, ". उधमपुर जिले को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। हमने नहीं सोचा था कि उधमपुर में इस तरह के हालात होंगे.इस बार जो इतनी तेज और अचानक बारिश हुई, उसका सबसे ज्यादा नुकसान रामबन जिले को हुआ है। मैं खुद मौके पर हालात का जायजा लेने आया हूं
एक अधिकारी ने बताया कि अब्दुल्ला ने शनिवार को श्रीनगर में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और कार्य की प्रगति का प्रत्यक्ष विवरण प्राप्त करने के लिए यह यात्रा की। उन्होंने बताया कि अब्दुल्ला गृह मंत्री अमित शाह को स्थिति से अवगत कराएंगे। शाह बाढ़ की स्थिति का आकलन करने के लिए रविवार शाम को जम्मू के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे हैं।मारूंग में राजमार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘लगातार बारिश के कारण विभिन्न स्थानों पर राजमार्ग को हुए नुकसान के बाद हम यहां स्थिति का आकलन करने आए हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मुझे बताया कि एक वैकल्पिक रास्ता है और वे दो-तरफ़ा यातायात सुनिश्चित करने के लिए इस पर काम कर रहे हैं।’’ अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग को पूरी तरह बहाल करने में 20 से 25 दिन लग सकते हैं, लेकिन वैकल्पिक मार्ग पर दोतरफा यातायात शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहले के विपरीत इस बार सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रामबन-बनिहाल खंड नहीं है, बल्कि उधमपुर सेक्टर है। मुख्यमंत्री ने रामबन से उधमपुर के लिए रवाना होने से पहले कहा, ‘‘जब तक उधमपुर में मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक सामान्य यातायात बहाल नहीं हो सकता।’’