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CJI Gavai Attacked in Supreme Court: PM मोदी से लेकर सोनिया गांधी ने की निंदा, हमलावर ने बताई वजह।

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Tue, 07 Oct 2025 12:22 PM IST

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बीआर गवई पर सोमवार को हुए हमले की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निंदा की है। पीएम मोदी ने इस घटना के सामने आने के बाद सीजेआई गवई से फोन पर बात की है। इससे पहले लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी के नेताओं ने इस कृत्य की आलोचना की है। पीएम मोदी ने लिखा, "भारत के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति बीआर गवई जी से बात की। आज सुबह सुप्रीम कोर्ट परिसर में उन पर हुए हमले ने हर भारतीय को क्षुब्ध कर दिया है। हमारे समाज में ऐसे निंदनीय कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है। यह अत्यंत निंदनीय है। ऐसी स्थिति में न्यायमूर्ति गवई द्वारा प्रदर्शित धैर्य की मैं सराहना करता हूं। यह न्याय के मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और हमारे संविधान की भावना को मज़बूत करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"उधर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने वकील राकेश किशोर के अदालतों में प्रैक्टिस करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। राकेश किशोर ने सोमवार को कथित तौर भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति बीआर गवई पर जूता उछालने की कोशिश की थी। यह घटना उस समय हुई, जब सीजेआई गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ किसी मामले में सुनवाई कर रही थी।  

क्या है पूरा मामला यहां समझिए?
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील राकेश किशोर ने सीजेआई गवई पर जूता उछालने की कोशिश की। हालांकि, यह जूता उन तक नहीं पहुंचा। वकील ने जब डाइस की ओर बढ़ने की कोशिश की तो सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत में आ गए और उन्हें कोर्ट रूम से बाहर ले गए। जब वकील को ले जाया जा रहा था तो उसे कहते हुए सुना गया कि सनातन का अपमान नहीं सहेंगे।भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर सुप्रीम कोर्ट के अंदर हुए हमले की कोशिश की देशभर में आलोचना हो रही है। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर हमला सिर्फ उन पर ही नहीं, बल्कि संविधान पर भी हमला है। सोनिया गांधी ने एक बयान में कहा, सर्वोच्च न्यायालय में भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश पर हुए हमले की निंदा करने के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं है। यह न केवल उन पर, बल्कि हमारे संविधान पर भी हमला है। मुख्य न्यायाधीश गवई बहुत दयालु रहे हैं, लेकिन पूरे देश को गहरी पीड़ा और आक्रोश के साथ उनके साथ एकजुटता से खड़ा होना चाहिए।सुप्रीम कोर्ट में वकील राकेश किशोर ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की थी. राकेश ने इस मामले पर चौंकाने वाला बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुझे इस बात कोई पछतावा नहीं है. राकेश किशोर ने यह भी बताया कि उन्होंने ऐसा क्यों किया. CJI खजुराहो के एक मंदिर में भगवान विष्णु की टूटी हुई मूर्ति की बहाली से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वकील राकेश किशोर ने कहा, ''मुझे एक दैवीय शक्ति ने ऐसा करने के लिए कहा था. यह अच्छा होता कि मैं जेल चला गया होता, मेरा परिवार मेरे इस काम से खुश नहीं है. वे समझ नहीं पा रहे हैं.''  राकेश किशोर ने कहा कि उन्हें अपने इस कृत्य का कोई पछतावा नहीं है.बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) बी. आर. गवई की ओर कथित रूप से जूता फेंकने का प्रयास करने के मामले में आरोपी वकील राकेश किशोर को सोमवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. यह घटना सोमवार (6 अक्टूबर) सुबह करीब 11:35 बजे हुई. 71 साल वकील राकेश किशोर ने चीफ जस्टिस गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की. सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी वकील को तुरंत हिरासत में ले लिया.

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