बिहार में एनडीए के बीच सीट शेयरिंग नहीं हो पा रही, बीजेपी और जेडीयू के बीच तो सब ठीक है लेकिन बात जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा के बीच नहीं बन पा रही। हालांकि चिराग पासवान 25 सीटों पर दावे वाली बात को झुठला रहे हैं लेकिन कहते हैं बिना आग के धुंआ नहीं उठता। आपको याद होगा कि पिछली बार सीट नहीं मिलने पर एलजेपी एनडीए से अलग हो गई थी। इसके अलावा आपको फिर से बता दें कि चिराग पासवान ने सीट शेयरिंग पर खुलकर कुछ भी नहीं कहा है। हालांकि चिराग ने कहा कि जीना है तो मरना सीखो। सूत्र बताते हैं कि चिराग पासवान बीजेपी की ओर से ऑफर किए गए 25 सीटों पर तैयार हो गए हैं. हालांकि वो लोकसभा चुनाव की तर्ज पर विधानसभा चुनाव में भी अपनी पार्टी का स्ट्राइक रेट शानदार रखना चाहते हैं. इसके लिए वह उन सीटों की डिमांड कर रहे हैं जहां उनकी पार्टी के उम्मीदवारों के जीतने की संभावना है. एलजेपी के राज्य नेतृत्व का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान के लिए ज्यादा के बजाय स्ट्राइक रेट को बनाए रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है. पार्टी ने अंतिम फैसला चिराग पासवान के ऊपर ही छोड़ दिया है. लेकिन चिराग ने पांच ऐसी सीटों की डिमांड की है जिसपर पेच फंसा है.चिराग पासवान ने गोविंदगंज, लालगंज, वैशाली, मटिहानी और सिकंदरा सीट की डिमांड की है.