दीपावली के करीब आते ही मेरठ के कई गांवों में पटाखों के अवैध कारखाने धड़ल्ले से चलने शुरू हो गए हैं। अमर उजाला की टीम ने जब गोटका और मैनापुट्ठी गांवों का दौरा किया तो पता चला कि यहां लगभग हर घर में बारूद बिखरा पड़ा है। यही नहीं 8-10 साल के मासूम बच्चे भी दीवाली के लिए बम और गोले बनाने में जुटे हैं। हैरत की बात ये है कि ये सब प्रशासन की आंखों के सामने हो रहा है, लेकिन लगता है अफसरों को कार्रवाई के लिए किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार है।