जिस दिन पूरा देश दिवाली मनाता है, उस दिन चंडीगढ़ का चिल्ला गांव दिवाली नहीं मनाता। रिवाज बरसों पुराना है, कहानी अजीबोगरीब है। किसी जमाने में दिवाली के दिन गांव के मवेशी खो गए थे, जब लौट के आए तो दुनिया दिवाली मना चुकी थी, तभी से गांव वालों ने तय किया कि दिवाली मवेशियों के साथ दिवाली के अगले दिन मनाई जाएगी।