कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "राहुल गांधी के अथक प्रयासों का यह परिणाम है कि मोदी सरकार को झुकना पड़ा और कहना पड़ा कि वे जनगणना करेंगे और जाति जनगणना करेंगे। हमारी मांग स्पष्ट है कि मुद्दे को भटकाने की कोशिश न की जाए, हमने जाति जनगणना की मांग की है। इसके कारण, कांग्रेस पार्टी के खिलाफ बहुत सारी गालियां, टिप्पणियां, आलोचनाएं सुनने को मिली हैं कि केवल 4 जातियां हैं और कोई अन्य जातियां नहीं हैं, जो अन्य जातियों की बात करते हैं वे भारत को विभाजित करने की बात कर रहे हैं... अब वही भाजपा जिसने हमारी जाति जनगणना की मांग को लेकर हम पर कई आरोप लगाए थे कि कांग्रेस, राहुल गांधी भारत को कमजोर करने के लिए जाति जनगणना की बात कर रहे हैं, लेकिन धीरे-धीरे अब उन्हें एहसास हुआ कि यह काम नहीं करेगा और खासकर बिहार चुनाव को देखते हुए उन्होंने जाति जनगणना की घोषणा की ताकि वे इसका सारा श्रेय ले सकें कांग्रेस पार्टी ने 16वीं जनगणना की अधिसूचना को निराशाजनक बताया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि इसमें जाति को शामिल करने पर कोई बात नहीं की गई है। कांग्रेस ने सरकार से पूछा है कि क्या यह एक और 'यू-टर्न' है। पार्टी ने केंद्र सरकार से तेलंगाना मॉडल अपनाने की मांग की है। पार्टी के अनुसार यह मॉडल जाति जनगणना और जाति के आधार पर सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों को जुटाने में मदद करेगा। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को एक्स पोस्ट पर कहा कि 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में होने वाली 16वीं जनगणना की अधिसूचना निराशाजनक है।
उन्होंने एक्स पर कहा कि '2026 के आखिर या 2027 की शुरुआत में 16वीं जनगणना होने वाली है। इसका सरकारी नोटिफिकेशन आ गया है। लेकिन ये नोटिफिकेशन कुछ खास नहीं है। इसमें वही बातें हैं जो पहले 30 अप्रैल, 2025 को बताई गई थीं। कांग्रेस पार्टी लगातार जाति जनगणना की मांग कर रही थी। इसी वजह से पीएम को ये मांग माननी पड़ी। पहले पीएम ने कांग्रेस नेताओं को 'अर्बन नक्सली' कहा था, क्योंकि वे ये मांग कर रहे थे। मोदी सरकार ने संसद और सुप्रीम कोर्ट दोनों जगह जाति जनगणना का विरोध किया था। लेकिन सरकार ने 47 दिन पहले इसकी घोषणा कर दी।' रमेश ने कहा, 'आज जो सरकारी नोटिफिकेशन आया है, यह जनगणना में जाति को शामिल करने पर साइलेंट है। क्या ये सरकार का एक और यू-टर्न है? या फिर सरकार बाद में इस बारे में जानकारी देगी?' कांग्रेस पार्टी का मानना है कि 16वीं जनगणना में तेलंगाना मॉडल को अपनाना चाहिए। कांग्रेस चाहती है कि जनगणना में जाति के अनुसार विस्तृत आंकड़े हों।