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CAPF Bill 2026 :CAPF बिल लोकसभा से हुआ पारित, राहुल गांधी ने बताया जवानों के लिए अन्यायपूर्ण

Fri, 03 Apr 2026 01:00 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

 केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा," आज जब CAPF बिल पारित हुआ तब कांग्रेस ने वॉकआउट किया। हमने सबको ध्यान में रखते हुए संतुलित बिल जो पारित किया वो कांग्रेस इस पर राजनीति करना चाहते थे। मैं एक चीज साफ करना चाहता हूं कि जैसे राज्य में पुलिसबल होते हैं तो पुलिसबल के DGP कौन बनते हैं, IPS जो आते हैं वही DGP बनते हैं लेकिन फिर जो नीचे स्टेट सर्विस से जो आते हैं वो SP और IGP बनते हैं पीएम मोदी की सरकार आने से पहले केंद्रीय सशस्त्र बल में जो सहायक कमांडेंट लेवल से आते थे वो IG में ही रिटायर्ड होते थे 

हम लोग के सरकार आने के बाद मोदी जी के नेतृत्व में पहली बार अतिरिक्त महानिदेशक तक बने हैं। जो सर्विस से आते हैं उनके लिए इतना अच्छा रास्ता खोला गया है ये तो पीएम मोदी के सरकार में हुआ है। कांग्रेस को अपने समय में पूछना चाहिए था कि जो सहायक कमांडेंट सर्विस से केंद्रीय सशस्त्र बल में आते हैं  वो क्यों ADG नहीं बन पाते थे वो IG में ही क्यों रिटायर्ड हो जाते थे तो कांग्रेस बुरी फंस गई इसलिए उन्होंने वॉकआउट किया है.तो य़े बिल बहुत महत्वपूर्ण है

असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया। और इस बलिदान के बदले मिला क्या? 15 साल से अधिक की निष्ठापूर्ण सेवा के बावजूद - प्रमोशन नहीं, अपनी ही फोर्स को लीड करने का अधिकार नहीं। क्योंकि सभी शीर्ष पद IPS अफसरों के लिए आरक्षित हैं।

यह सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं - यह लाखों CAPF जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है। ये जवान सीमाओं पर तैनात रहते हैं, आतंक और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, लोकतंत्र के उत्सव चुनावों को सुरक्षित बनाते हैं। लेकिन जब इनके अधिकार और सम्मान की बात आती है, तो व्यवस्था मुँह फेर लेती है।

खुद CAPF के जवान इस भेदभाव के विरुद्ध हैं। सुप्रीम कोर्ट तक ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। फिर भी, वर्तमान सरकार इसी अन्याय को कानूनी रूप से स्थायी बनाने पर आमादा है। यह विधेयक केवल एक करियर रोकने का प्रयास नहीं - यह उन लोगों का मनोबल तोड़ने की कोशिश है जो देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं। और जब उनका मनोबल टूटता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव हिलती है।

हम CAPF के जवानों का सम्मान सिर्फ शब्दों में नहीं, नीतियों में करते हैं। कांग्रेस का साफ वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा। क्योंकि जो देश के लिए लड़ता है, उसे नेतृत्व का अधिकार मिलना ही चाहिए।
 

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