नागरिकता संशोधन कानून-2019 को लागू कर भाजपा ने लोकसभा चुनाव में उतरने से पहले हिंदुत्व के तरकश में एक और तीर सजा लिया है। पार्टी की पूरी रणनीति बेरोजगारी, महंगाई और जाति गणना का सवाल खड़ा करने की कोशिश में जुटे विपक्ष को हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की पिच पर उतारने की है। यही कारण है कि राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद-370 के खात्मे और तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने के बाद भाजपा ने इस पिच पर विपक्ष को चित करने के लिए सीएए की गुगली डाल दी है। सरकार की रणनीति और उम्मीदों के अनुरूप ही इस मामले में विपक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। विपक्षी दल सीएए के साथ सरकार की आलोचना कर रहे हैं।