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Breaking: ईरान पर ट्रंप का प्रहार! ग्लोबल सप्लाई पर असर? Amar Ujala | World

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Updated Sat, 24 Jan 2026 01:41 AM IST

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और लंबे इंटरनेट शटडाउन के बीच अमेरिका ने सख्त कदम उठाया है। वॉशिंगटन ने ईरानी तेल की अवैध सप्लाई में शामिल 9 टैंकरों और उनके मालिकों पर प्रतिबंध लगाते हुए तेहरान पर दबाव और बढ़ा दिया है।विरोध प्रदर्शनों और इंटरनेट बंदी के बीच अमेरिका ने बड़ा कदम उठाते हुए ईरानी तेल की अवैध ढुलाई में शामिल 9 तेल टैंकरों और उनके मालिकों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के मुताबिक, इन जहाजों के जरिए सैकड़ों मिलियन डॉलर का प्रतिबंधित ईरानी तेल विदेशी बाजारों तक पहुंचाया जा रहा था।  ईरान में 8 जनवरी से इंटरनेट सेवाएं बड़े पैमाने पर बंद कर दी गई थीं। यह बंदी तब लागू की गई जब देशभर में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए। जानकारों के अनुसार, यह इस्लामिक रिपब्लिक के इतिहास की सबसे लंबी और व्यापक इंटरनेट बंदी है, जिससे आम नागरिक और व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।  ट्रेजरी के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) के अनुसार, जिन 9 जहाजों पर प्रतिबंध लगाया गया है, वे ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा हैं। ये पुराने टैंकर आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचते हुए ईरान और रूस जैसे देशों का तेल ढोने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। ये जहाज पलाऊ, पनामा सहित अन्य देशों के झंडे तले पंजीकृत हैं। इन प्रतिबंधों के बाद संबंधित ईरानी व्यक्ति और कंपनियां अब अमेरिकी नागरिकों के साथ व्यापार नहीं कर सकेंगी यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर समूह को आर्माडा बताया और कहा कि यह कदम एहतियातन उठाया गया है। हालांकि, ईरान के शीर्ष अभियोजक ने ट्रंप के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी दबाव के कारण 800 से ज्यादा असंतुष्टों को फांसी नहीं दी गई।

 

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