बीजेपी संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति से नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान जैसे वरिष्ठ नेताओं को बाहर कर दिया था, जिसके बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। बीजेपी की निगाहें 2024 के लोकसभा चुनावों पर टिकी हैं और इसी के मद्देनजर वह संगठनात्मक मुद्दों एवं उभरती राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी कई प्रदेश इकाइयों में अहम पदों पर बदलाव जारी रख सकती है।