बिहार में एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. कोर्ट के फैसले के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने इसे अपनी पार्टी की बड़ी जीत बताया है. उनके अनुसार, अब आधार कार्ड को मतदाता पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे फर्जी मतदान में कमी आएगी. तेजस्वी यादव ने कहा कि यह फैसला चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के दावे कि फर्जी मतदान से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, को इस फैसले से खारिज किया जा सकता है. इससे पहले, राजद ने एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताओं का विरोध किया था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को फटकार भी लगाई थी.
तेजस्वी यादव ने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की सेहत को लेकर गंभीर संदेह है. उन्होंने सवाल किया कि क्या वाकई वे बीमार हैं या फिर उन्हें बीमार दिखाया जा रहा है. तेजस्वी ने कहा कि सदन चलाने के बाद धनखड़ का कोई अता-पता नहीं मिलता, न ही कोई स्वास्थ्य बुलेटिन जारी हो रहा है. उन्होंने इसे हाउस अरेस्ट की साजिश करार दिया और इस पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग की.
तेजस्वी ने अपनी पार्टी के सामाजिक अभियान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आरजेडी कार्यकर्ता जोर-शोर से माई-बहिन मान योजना के तहत फॉर्म भरवा रहे हैं. साथ ही युवाओं के लिए नौकरी से संबंधित अवसर उपलब्ध कराने हेतु युवा संवाद फॉर्म भी भरे जा रहे हैं. तेजस्वी ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार बनने पर इन योजनाओं को पूरी तरह लागू किया जाएगा.
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्रशासन की ओर से डराया-धमकाया जा रहा है और गिरफ्तार तक किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जब बीजेपी के नेता इस तरह के फॉर्म भरवाते हैं तो कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन जब आरजेडी ऐसा करती है तो इसे रोका जाता है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने यह रवैया जारी रखा तो अधिकारियों को कोर्ट तक घसीटा जाएगा.