हाल के दिनों से चर्चा में आए एक बाबा की असलियत अब बेनकाब हो गई है छात्राओं का यौन शोषण फर्जी पहचान और न जानें क्या कुछ लेकिन इससे इतर बाबा की ज़िंदगी अगल ही दिखी। करोड़ों की संपत्ति का मालिक ये बाबा चैतन्यानंद सरस्वती फरारी काटते हुए आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ ही गया। होटल के कमरे से बरामद हुए महंगे मोबाइल,आईपैड लैपटॉप ने इस बाबा की करतूतों की पूरी पोल खोल कर रख दी है। करोड़ों की संपत्ति का मालिक चैतन्यानंद सरस्वती छात्राओं फर्जी पहचान पत्रों के साथ होटल से पकड़ा गया। दूसरी तरफ ये पीएमओ से नजदीकी के झूठे दावे भी करता रहा। इतना ही नहीं हद तो तब हो गई जब एआई से बनी तस्वीरें सामने आई है। जिसने इसकी बाबागीरी की पोल खोली है।
खबरों की मानें तो छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस से छिपता फिर रहा था जिसके लिए बड़े ही प्लानिंग से सस्ते होटलों का सहारा लेता,ताकि पुलिस उस तक आसानी से न पहुंच सके। करोड़ों की संपत्ति का मालिक यह बाबा शुरुआती जांच में किसी भी तरह का पुलिस को कोई सहयोग नहीं कर रहा। आपको बता दे की इस आरोपी बाबा को रविवार तड़के आगरा से गिरफ्तार किया गया। साउथ-वेस्ट जनपद के एक पुलिस अधिकारी ने जो कुछ बताया उससे बाबा की पोल खुली है.
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो संबंधित अधिकारी ने बताया कि चैतन्यानंद के पास से महंगे फोन बरामद हुए है, इनमें से एक फोन में परिसर और छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिनके जरिये वह छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखता था। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने खुलासा किया कि चैतन्यानंद और उसके सहयोगी प्रधानमंत्री कार्यालय से निकटता का झूठा दावा करते थे। पुलिस की मानें तो चैतन्यानंद सरस्वती मूल रूप से ओडिसा का रहेने वाला है। करीबन 12 साल तक एक आश्रम में रहकर वहीं के संचालन और देखभाल का जिम्मा संभालता रहा। फिलहाल में वह दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक निजी इंजीनियरिंग संस्थान में निदेशक के पद पर कार्यरत है।