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Bangladesh Minority Violence: बांग्लादेश में डेढ़ साल में अल्पसंख्यकों पर 3100 हमले, सरकार ने संसद में बताया

Sat, 14 Mar 2026 04:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर भारत की संसद में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि पिछले लगभग डेढ़ साल के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ करीब 3100 हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं। यह जानकारी राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने दी। उन्होंने बताया कि यह आंकड़ा अगस्त 2024 से फरवरी 2026 के बीच का है और इसमें अल्पसंख्यकों के खिलाफ अलग-अलग प्रकार की हिंसक घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं में अल्पसंख्यक समुदायों के घरों, दुकानों, धार्मिक स्थलों और संपत्तियों पर हमले, तोड़फोड़ और धमकाने जैसी घटनाएं शामिल हैं। सरकार के अनुसार ये आंकड़े विभिन्न मानवाधिकार संगठनों और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर सामने आए हैं।

सरकार ने संसद में यह भी बताया कि भारत सरकार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए है। विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि जब भी इस तरह की घटनाओं की जानकारी सामने आती है, भारत सरकार उन्हें गंभीरता से लेती है और उचित मंचों पर बांग्लादेश सरकार के सामने अपनी चिंता व्यक्त करती है। भारत ने कई बार उच्च स्तर पर यह मुद्दा उठाया है और उम्मीद जताई है कि बांग्लादेश सरकार इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच करेगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। सरकार का मानना है कि किसी भी देश की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय से जुड़े हों।

संसद में दिए गए इस बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी वहां की सरकार की है। हालांकि भारत इस मुद्दे को मानवीय और कूटनीतिक दृष्टिकोण से गंभीरता से देखता है। भारत सरकार ने कहा कि वह क्षेत्रीय स्थिरता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संवाद बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे को उठाया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार बांग्लादेश में राजनीतिक और सामाजिक तनाव के समय अल्पसंख्यक समुदाय अक्सर ज्यादा प्रभावित होते हैं। कई मानवाधिकार संगठनों ने भी समय-समय पर अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाओं को लेकर चिंता जताई है। संसद में सामने आए इस आंकड़े के बाद एक बार फिर इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। कुल मिलाकर, डेढ़ साल में लगभग 3100 हमलों की घटनाएं सामने आना यह संकेत देता है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है और इस पर लगातार निगरानी तथा ठोस कार्रवाई की जरूरत है।

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