AAP विधायक गोपाल राय ने कहा, "कपिल मिश्रा ने दिल्ली विधानसभा में आतिशी के बयान को तोड़-मरोड़कर एक वीडियो जारी किया। उस वीडियो पर राजनीति की गई और गुरु तेग बहादुर के फॉलोअर्स की भावनाओं को ठेस पहुंची। जब वीडियो सार्वजनिक की गई, तो पंजाब के लोगों की भावनाएं आहत हुईं। पंजाब पुलिस ने वीडियो की जांच के बाद FIR दर्ज की है। पता चला है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी। यह गलत है। हमने यह सवाल सदन में उठाया था और स्पीकर ने इसकी जांच का आदेश दिया था लेकिन उन्होंने इसके लिए 15 दिन का समय दिया
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशेष चर्चा चल रही थी। भाजपा नेताओं (विशेषकर कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिंह सिरसा) ने आरोप लगाया कि चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष (LoP) आतिशी ने गुरु साहिब के प्रति "संवेदनशील" और "अपमानजनक" शब्दों का प्रयोग किया।
भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में भारी विरोध प्रदर्शन किया और आतिशी की सदस्यता रद्द करने के साथ-साथ उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। मनजिंदर सिंह सिरसा और अन्य नेता इस मुद्दे को अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब तक ले गए हैं।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने भी इसे सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया और कड़ी कार्रवाई की मांग की। आतिशी और आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे भाजपा की "गंदी राजनीति" करार दिया है:
आतिशी का कहना है कि भाजपा ने एक एडिटेड (फेक) वीडियो वायरल किया है। असली वीडियो में वह प्रदूषण और आवारा कुत्तों के मुद्दे पर चर्चा से भागने के लिए भाजपा की आलोचना कर रही थीं। आतिशी के अनुसार, उन्होंने "कुत्तों (Dogs)" शब्द का इस्तेमाल आवारा कुत्तों के मुद्दे पर चर्चा के संदर्भ में किया था, लेकिन भाजपा ने वीडियो में गुरु तेग बहादुर जी का नाम लिखकर गलत सबटाइटल जोड़ दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद एक ऐसे परिवार से आती हैं जहाँ पीढ़ियों से सिख धर्म का सम्मान किया जाता है, और वह गुरु साहिब के अपमान के बारे में सोच भी नहीं सकतीं। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस विवादित वीडियो की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं और मामले को विशेषाधिकार समिति (Committee of Privileges) को सौंप दिया है। जांच रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर आने की उम्मीद है। इस मुद्दे के कारण विधानसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई है और दिल्ली की सड़कों पर सिख समुदायों और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी हैं।