एक कहावत है, 'मूल से प्यारी ब्याज होती है'। यह कहावत अक्सर पोते-पोतियों के प्रति बड़े-बुजुर्गों का प्यार जताने के लिए कही जाती है। सच भी है कि दादा-दादी, नाना-नानी अपने बच्चों से भी बढ़कर अपने बच्चों के बच्चों को दुलार करते हैं। कुछ ऐसा ही रिश्ता आशा भोसले का अपनी नातिन जनाई भोसले से था। जनाई का पहला गाना आया तो आशा ताई ने खूब तारीफ की। जनाई भी दादी को अपनी 'छोटी सी आशा' कहती थीं। दादी के निधन से उन्हें झटका लगा है। आज सोमवार को आशा भोसले के अंतिम संस्कार के दौरान जनाई के आंसू नहीं थमे हैं। श्रद्धांजलि देने आने वाले लोग जनाई को सांत्वना दे रहे हैं।