बिहार की राजनीति में पप्पू यादव के एक बयान ने बड़ी सियासी हलचल मचा दी है। क्या महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणी ने पप्पू यादव को मुश्किल में डाल दिया है? क्या ये बयान सामाजिक चिंता था या सस्ती लोकप्रियता की कोशिश? पप्पू यादव के उस कमरे वाले बयान पर अब मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने कुछ ऐसा कह दिया है जिसे सुनकर पप्पू यादव को भी मिर्ची लग सकती है। आखिर उन्होंने ऐसा क्या कहा? और जदयू ने पप्पू यादव पर क्या कारवाई की मांग की है। आइए आपको बताते है इस वीडियो में।
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। महिलाओं को लेकर दिए गए उनके बयान ने बिहार की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। एक कार्यक्रम के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि “बिना नेता के कमरे के 90 प्रतिशत महिलाएं राजनीति नहीं कर सकतीं,”। पप्पू यादव का ये बयान जैसे ही आया उसी वक्त से इसपर बवाल मच गया और बवाल मचना लाजमी भी था। पप्पू यादव के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
इस बयान पर जनता दल यूनाइटेड ने कड़ा रुख अपनाया है। जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि पप्पू यादव पहले अपनी पत्नी से पूछें, जो खुद राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान सिर्फ चर्चा में बने रहने के लिए दिए जाते हैं। आइए आपको सुनाते है उन्होंने क्या कहा।
वहीं, जेडीयू नेता नीरज कुमार ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं। नीरज कुमार ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए यह भी कहा कि इतने आपराधिक मामलों के बावजूद वह महिलाओं के आचरण पर सवाल उठा रहे हैं।
इस बीच विवाद के बीच एक और खबर सामने आई जब पश्चिम बंगाल के मालदा में चुनाव प्रचार के दौरान पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ गई। भीषण गर्मी के कारण उन्हें डिहाइड्रेशन हुआ और अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई और वे पूर्णिया के लिए रवाना हो गए।
अब सवाल यही है क्या यह विवाद पप्पू यादव की राजनीतिक छवि पर असर डालेगा और क्या यह मामला अब और तूल पकड़ सकता है फिर यह मामला जल्द ही ठंडा पड़ जाएगा?