अमेरिका और रूस के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को रूस पर नए और कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वे प्रतिबंधों के दूसरे चरण को लागू करने के लिए तैयार हैं। यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया, जिसमें एक नवजात सहित चार लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए।
व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक पत्रकार ने ट्रंप से पूछा कि क्या वे रूस पर प्रतिबंधों के दूसरे चरण के लिए तैयार हैं, तो उनका जवाब था – “हां, मैं तैयार हूं।”
यह बयान इस ओर इशारा करता है कि अमेरिका अब रूस के खिलाफ और आक्रामक रुख अपना सकता है। अब तक ट्रंप बातचीत के जरिये समाधान निकालने पर जोर दे रहे थे, लेकिन लगातार हमलों ने उनकी नाराजगी और बढ़ा दी है।
ट्रंप पहले भी रूस और उसके तेल खरीदारों पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दे चुके हैं। हालांकि, वे इस फैसले को टालते रहे थे, ताकि राजनयिक स्तर पर हल निकाला जा सके। लेकिन रूस की बढ़ती आक्रामकता ने साफ कर दिया है कि अब अमेरिका कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
रविवार को रूस ने यूक्रेन पर ऐसा हमला किया, जिसने पूरे देश को दहला दिया। यूक्रेन की राजधानी कीव में मंत्रिपरिषद भवन पर सीधा निशाना साधा गया। यह पहली बार है जब किसी सरकारी प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया। इमारत के ऊपरी हिस्से में आग लग गई। यह इमारत यूक्रेन की सरकार का मुख्यालय है, जहां मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं।
इसके अलावा रिहायशी इलाकों पर भी हमले हुए। कई अपार्टमेंट्स ढह गए और घरों को भारी नुकसान हुआ। इस हमले में चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक नवजात शिशु भी शामिल था। 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
यूक्रेन की वायुसेना के मुताबिक, रूस ने 805 ड्रोन और 13 मिसाइलों से हमला किया। हालांकि, यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली ने 751 ड्रोन और चार मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। फिर भी बची हुई मिसाइलों और ड्रोन ने भारी तबाही मचाई।
यूक्रेन की प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेन्को ने कहा, “पहली बार किसी सरकारी इमारत को नुकसान पहुंचा है। इमारतें फिर बन जाएंगी, लेकिन खोई हुई जानें वापस नहीं आ सकतीं। दुनिया को सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि कदम उठाकर जवाब देना होगा। रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को और मजबूत करना होगा, खासकर तेल और गैस पर।”
रूस के इस हमले ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर दिया है। यूरोपीय संघ और नाटो देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। कई देशों का मानना है कि रूस लगातार युद्ध को और खतरनाक दिशा में ले जा रहा है।
अमेरिका अब रूस पर नए प्रतिबंध लागू कर सकता है, जिनमें ऊर्जा क्षेत्र सबसे अहम होगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगी देश रूसी तेल और गैस पर और कड़ा प्रतिबंध लगाते हैं, तो रूस की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा।
ट्रंप ने जब पद संभाला था, तो दावा किया था कि वे यूक्रेन युद्ध को जल्दी खत्म करेंगे। लेकिन युद्ध जारी है और अब और भी उग्र हो गया है। इस कारण घरेलू स्तर पर भी उन पर दबाव बढ़ रहा है। अमेरिका के भीतर विपक्ष और कुछ विशेषज्ञ लगातार कह रहे हैं कि रूस पर सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
रूस का यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हमला और अमेरिका की ओर से प्रतिबंधों की चेतावनी इस संघर्ष को और गंभीर बना रही है। ट्रंप के हालिया बयान से साफ है कि अमेरिका अब कड़ा रुख अपनाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में प्रतिबंधों के दूसरे चरण की घोषणा हो सकती है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये कदम रूस को रोक पाएंगे या फिर युद्ध और भड़क जाएगा।