हरियाणा के अंबाला में पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे से शुरू हुआ विवाद अब हाईवे तक पहुंच गया है। खालिस्तान विरोधी सिख नेता गुरसिमरन सिंह मंड की पिटाई के मामले में गिरफ्तारी के विरोध में सिख समाज के लोगों ने जीटी रोड जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मंड के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए और गिरफ्तार युवाओं को रिहा किया जाए। लेकिन देखते ही देखते प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। बैरिकेड तोड़े गए, पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और बाद में पुलिस टीम पर धारदार हथियारों से हमले की बात सामने आई। आखिर क्या है पूरा विवाद और कैसे सात घंटे तक हाईवे पर बना रहा तनाव?
अंबाला में पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे से जुड़ा विवाद गुरुवार को बड़े प्रदर्शन में बदल गया। सिख समाज के लोगों ने दोपहर करीब एक बजे जीटी रोड जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर कंटेनर और ट्रैक्टर खड़े कर दिए, जिसके चलते पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जाने वाले रास्ते पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रदर्शनकारियों की दो प्रमुख मांगें थीं। पहली, खालिस्तान विरोधी नेता गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और दूसरी, मंड पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दो युवकों को रिहा किया जाए।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की थी। लेकिन भीड़ ने एक के बाद एक बैरिकेड तोड़ दिए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार झड़प हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे।
जीटी रोड जाम होने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूल से लौट रही बच्चों की बसें, एंबुलेंस और दूसरे जरूरी वाहन भी जाम में फंस गए। कई लोगों को मजबूरी में कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
दरअसल, सात अगस्त को गुरसिमरन सिंह मंड पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे पहुंचे थे। यहां पार्किंग को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हुआ। मंड ने आरोप लगाया कि उन पर निहंगों और कुछ लोगों ने डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया। इस घटना के वीडियो भी सामने आए, जिनमें कुछ लोग मंड की पिटाई करते दिखाई दिए।
वहीं, गुरुद्वारा कमेटी ने मंड के आरोपों को खारिज किया। कमेटी का कहना था कि मंड की लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण कई संगत को चोट लगी थी। इसके बाद पुलिस ने कुछ सिख युवाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जबकि संगत की ओर से मंड के खिलाफ दी गई शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया।
इसी के विरोध में पंजोखरा साहिब में पंथ की बैठक हुई। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के प्रधान जगदीश सिंह झींडा समेत कई लोग इसमें शामिल हुए। बैठक के बाद जीटी रोड जाम करने का फैसला लिया गया।
हालात तब और गंभीर हो गए जब पुलिस के मुताबिक हाईवे खाली कराने पहुंची टीम पर हमला किया गया। अंबाला एसपी अजीत सिंह शेखावत के अनुसार, भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने भाले, फरसे, तलवार और कुल्हाड़ी जैसे हथियारों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया। इसमें डीएसपी क्राइम वीरेंदर गंभीर रूप से घायल हुए और उनका हाथ बुरी तरह कट गया। कई अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं।
पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर फंसे एक गैस टैंकर के चालक से चाबी भी छीन ली और उसे वहां से भगा दिया। इससे बड़े हादसे का खतरा पैदा हो गया। आखिरकार पुलिस ने बल प्रयोग कर हाईवे खाली कराया। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और पूरे मामले में उपद्रवियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की तैयारी है।