बरेली शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों “ड्रोन” नाम की अफवाह ने लोगों को रातों की नींद से महरूम कर दिया है। कुछ लोग इसे चोरी से पहले की रेकी बता रहे हैं, तो कुछ ने इसे किसी साजिश का हिस्सा मान लिया है। लेकिन डर का आलम ऐसा है कि लोग संदिग्धों को पीट रहे हैं, फायरिंग कर रहे हैं और कानून हाथ में ले रहे हैं।
सोमवार सुबह फतेहगंज पश्चिमी के एक गांव में एक छत पर ड्रोन जैसी वस्तु पड़ी मिली। पुलिस ने जब जांच की, तो पता चला कि यह मात्र 863 रुपये का खिलौना ड्रोन था, जिसमें कोई कैमरा नहीं था और जिसकी बैटरी महज 5 मिनट चलती थी। यह 300 मीटर की दूरी तक उड़ सकता था। पुलिस का मानना है कि बैटरी खत्म होने पर यह नीचे गिरा होगा।
ड्रोन की दहशत में भोजीपुरा क्षेत्र में ग्रामीण गश्त पर निकल पड़े। इसी दौरान एक युवक को संदिग्ध मानकर पकड़ लिया गया। पूछताछ में युवक की पहचान सहारनपुर जिले के हुकुम सिंह के रूप में हुई, जो चार महीने पहले बिना बताए काम की तलाश में घर से निकला था। पुलिस ने परिजनों को बुलाकर उसे उनके हवाले कर दिया।
ड्रोन से जुड़ी एक और अफवाह में फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के भिटौरा स्टेशन के पास दिल्ली से लौट रहे चार भाइयों को ग्रामीणों ने चोर समझकर पीट दिया। ये चारों अपने लापता भाई भूरा को दिल्ली से लेकर लौट रहे थे। पीटने के बाद पुलिस को सौंपा गया, लेकिन जांच में निर्दोष पाए जाने पर उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने और बेवजह हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हाफिजगंज स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डन सपना पांडे ने वीडियो जारी कर बताया कि चार दिन से स्कूल के ऊपर ड्रोन मंडरा रहा है। रविवार रात एक व्यक्ति खिड़की के पास देखा गया, जिससे छात्राएं घबरा गईं। वार्डन ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। पुलिस ने मौके पर कोई संदिग्ध नहीं पाया, लेकिन गश्त बढ़ा दी गई है।
मुल्लापुर दोहरिया गांव में ड्रोन की दहशत के चलते ग्रामीण रात में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान एक सफेद रंग की कार कच्चे रास्ते से गुजरती दिखी। शक होने पर ग्रामीणों ने कार का पीछा किया। कार कीचड़ में फंस गई और उसमें सवार लोग भाग निकले। पुलिस को बुलाया गया, जिसने कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पता चला है कि यह कार इज्जतनगर निवासी जितेंद्र की थी, जो उस समय जागेश्वर धाम गए थे।
फरीदपुर तहसील क्षेत्र में ड्रोन और चोरों की अफवाह ने इतना डर फैला दिया कि कई गांवों में लोग रात भर पहरेदारी करते रहे। कुछ जगहों पर फायरिंग भी हुई, जिससे माहौल और डरावना हो गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए अतिरिक्त गश्त शुरू कर दी है।
इस बीच सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश भू-स्थानिक निदेशालय की एक चिट्ठी वायरल हुई है, जिसमें एनजीटी के निर्देश पर नदियों के फ्लड प्लेन जोन के चिन्हांकन के लिए ड्रोन सर्वेक्षण की बात कही गई है। यह चिट्ठी अगर सही है, तो यह ड्रोन की उड़ानों को लेकर फैली कई अफवाहों का जवाब हो सकती है।
बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि ड्रोन का बेवजह उड़ाया जाना प्रतिबंधित है। शादी या धार्मिक आयोजनों में अगर ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो पुलिस को पहले से सूचना देना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि डर के नाम पर निर्दोषों को पीटना कानून का उल्लंघन है, और ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अब ग्राम सुरक्षा समितियों, सरकारी कर्मचारियों और मीडिया के जरिए एक जागरूकता अभियान चलाने जा रही है, ताकि अफवाहों को रोका जा सके और लोग डर के बजाय समझदारी से काम लें।
ड्रोन की आड़ में अफवाहों ने बरेली में डर और अराजकता का माहौल पैदा कर दिया है। इस डर के चलते कई निर्दोष पीटे गए, फायरिंग हुई और पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। हालांकि पुलिस की ओर से अब सख्ती और जागरूकता दोनों पर जोर दिया जा रहा है। लोगों को भी चाहिए कि वे अफवाहों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सीधे पुलिस को दें, ना कि खुद कानून हाथ में लें।