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Alka Lamba convicted news: दिल्ली पुलिस पर कथित हमला मामले में अलका लांबा को कोर्ट ने दिया दोषी करार!

Mon, 25 May 2026 05:06 PM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

कांग्रेस नेता अलका लांबा ने कहा,'मुझे यही उम्मीद थी कि यही होने वाला है। जुलाई 2024 का मामला है मानसून सत्र चल रहा था और महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष की तौर पर मैं और मेरी सारी बहने जंतर-मंतर पर संवैधानिक लोकतांत्रिक के तहत महिला आरक्षण लागू करो और महिलाओं को सुरक्षा दो इस मांग को लेकर हम प्रदर्शन कर रहे थे वही पुलिस ने मुझे पर मामले के दबाव में मुझ पर FIR, चार्जशीट दाखिल किया, 2024-25 और 2025-26 इसी कोर्ट में चक्कर काटती रही। आज पता लगता है मुझे दोषी पाया गया है ये बहुत बड़ा अपराध है मैं डरने वाली नहीं जितनी मर्जी सजा दे दीजिए महिला सुरक्षा का मामला है.पूरे देश में इससे त्राही त्राही मची हुई है और अगर हम लड़ते हैं तो हमें दोषी करार दिया जाता है

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट से महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने जुलाई 2024 में हुए एक प्रदर्शन से जुड़े मामले में उन्हें दोषी ठहराया है। यह प्रदर्शन महिला आरक्षण को लागू करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था, जिसमें महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था। यह प्रदर्शन जंतर मंतर पर किया गया था, जो राजधानी में विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख स्थल माना जाता है। अदालत के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और कांग्रेस पार्टी के लिए यह एक महत्वपूर्ण कानूनी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, जुलाई 2024 में महिला कांग्रेस ने अलका लांबा के नेतृत्व में महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई थी। पुलिस ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शन के दौरान निर्धारित नियमों और प्रशासनिक निर्देशों का उल्लंघन किया गया। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में कई साक्ष्य और दस्तावेज पेश किए, जिनके आधार पर कोर्ट ने अलका लांबा को दोषी माना।

अदालत ने फिलहाल केवल दोषसिद्धि का फैसला सुनाया है, जबकि सजा पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 5 जून की तारीख तय की है, जिस दिन अलका लांबा की सजा पर बहस होगी। इस दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रखेंगे। संभव है कि बचाव पक्ष अदालत से राहत या कम सजा की मांग करे। वहीं अभियोजन पक्ष कानून के उल्लंघन को गंभीर बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग कर सकता है।

इस फैसले के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो सकती है। कांग्रेस इस मामले को लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध प्रदर्शन की स्वतंत्रता से जोड़कर पेश कर सकती है, जबकि विरोधी दल इसे कानून व्यवस्था के उल्लंघन का मामला बता रहे हैं। अलका लांबा लंबे समय से महिला अधिकारों और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रही हैं, इसलिए यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी नजर 5 जून को होने वाली सुनवाई पर टिकी है, जहां अदालत उनके खिलाफ सजा को लेकर अंतिम फैसला सुना सकती है।

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