समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों के दौरान 26 हजार से अधिक स्कूल बंद किए जाने का आरोप लगाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी पर पलटवार करते हुए अखिलेश यादव के आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अखिलेश यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "आज तो अखिलेश यादव के झूठ पर झूठ भी शर्मा रहा है। वे इतनी आसानी से झूठ कैसे बोल लेते हैं, यह समझ से परे है।" उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है और वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में उच्च शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए संस्थानों की स्थापना की गई है। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में उत्तर प्रदेश में केवल 15 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, जबकि योगी सरकार के कार्यकाल में 45 से अधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं और नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण का सिलसिला अभी भी जारी है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विस्तार के साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया है। भाजपा नेता ने अखिलेश यादव से सवाल करते हुए कहा कि आखिर वे किस नजरिए से प्रदेश को देख रहे हैं और उन्हें धरातल पर आकर वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं, जिन्हें जनता स्वयं देख रही है। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने दावा किया कि जनता तथ्यों से परिचित है और वह झूठे आरोपों का उचित जवाब देगी। गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं, जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार स्कूलों के आधुनिकीकरण, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, नए शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।