कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है। आजादी के बाद से SIR निरंतर चलता आ रहा है.राहुल गांधी ने ये मुद्दा इसलिए उठाया था क्योंकि SIR के नाम पर हमारे देश के अल्पसंख्यक, दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों का नाम मतदाता सूची से निकाला जा रहा था. हमारे देश में यह पहली बार हो रहा है कि आपको खुद इस बात का सबूत देना है कि आप हमारे देश के नागरिक हैं या नहीं जबकि यह जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है कि वे योग्य मतदाता को चुनकर मतदाता सूची में शामिल करें.राहुल गांधी ने आम जनता के सामने तथ्यों और सबूतों को रखते हुए चुनाव आयोग के खोखलेपन का पर्दाफाश कर दिया है.देश में जागरूकता पैदा हुई है, जिसकी वजह से आज सुप्रीम कोर्ट को भी इस ओर संज्ञान लेना पड़ा
निर्वाचन आयोग जल्द ही देशभर में मतदाता सूची का एसआईआर अभियान शुरू करने की तारीख तय करेगा और राज्यों में मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया साल के अंत से पहले प्रारंभ हो सकती है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। निर्वाचन आयोग के राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की यहां एक दिवसीय बैठक के बाद, अधिकारियों ने कहा कि अगले साल पांच विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए अखिल भारतीय मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान 2025 के आगामी महीनों में चलया जा सकता है।
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए दस्तावेज सुझाए कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति इसमें शामिल न हो। इस बात पर पुनः जोर दिया गया कि इन दस्तावेजों को पात्र नागरिकों के लिए प्रस्तुत करना आसान होना चाहिए। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने आयोग को निर्देश दिया है कि वह मतदाता की पहचान के प्रमाण के रूप में 11 अन्य दस्तावेजों के अलावा आधार कार्ड को भी 12वें दस्तावेज के रूप में स्वीकार करे।