श्रीनगर के कुपवाड़ा में बंगाणा उपमंडल के घरवासड़ा निवासी दिलवर खान की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव पहुंच चुकी है। उनके पैतृक गांव में दिलवर की पार्थिव देह पहुंचने दिलवर की मां का रोकर बुरा हाल है। दिलवर खान का पांच साल का बेटा जुनैज है, जो पिता से मिलने का इंतजार ही करता रह गया। वहीं, दूसरी ओर दिलवर के पिता कर्मदीन जहां एक ओर बेटे के देश की रक्षा के लिए कुर्बान होने से गर्व महसूस कर रहे हैं तो वहीं, दूसरी ओर बेटे की जुदाई का गम छलक रहा है। स्थानीय प्रशासन और सेना द्वारा राजकीय सम्मान के साथ दिलवर खान को अंतिम विदाई दी जाएगी।