उपमंडल अंब की चूरूडू पंचायत में किसान संदीप ठाकुर ने प्रदेश का पहला ऑटोमैटिक साइलेज प्लांट स्थापित किया है। इस कदम से अब प्रदेश के किसानों को चारे के लिए पंजाब पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साइलेज बनाने की यह विदेशी तकनीक बेहद खास है। इसमें सबसे पहले मक्की की कुतराई की जाती है और फिर उसे विशेष लिफाफा बैग में पैक कर दिया जाता है। लगभग एक महीने बाद यह चारा पककर पशुओं के खाने योग्य हो जाता है। खास बात यह है कि पशु इसे बड़े चाव से खाते हैं। इससे न सिर्फ उनकी सेहत में सुधार होता है, बल्कि दूध उत्पादन भी बढ़ता है। प्लांट लगाने वाले किसान संदीप ठाकुर का कहना है कि यह पहल प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाएगी। पहले जहां चारे के लिए बाहर राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब स्थानीय स्तर पर ही उच्च गुणवत्ता वाला साइलेज सस्ती दरों पर उपलब्ध होगा। पशु चिकित्सालय अधिकारी चूरूडू डॉ. गोपाल कृष्ण ने बताया कि साइलेज पशुओं के लिए बेहद फायदेमंद है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस तकनीक से जुड़ें।