अमृतसर से पालमपुर जा रही बस में दो लोगों के बैग आपस में बदल गए। एक सवारी भरवाईं चौक पर उतरी, जबकि दूसरी सवारी पालमपुर में उतरी। इसके बाद चिंतपूर्णी बस स्टैंड में एचआरटीसी बुकिंग एजेंट रणजीत सिंह के पास केरल का श्रद्धालु हरीश अपना बैग वापस पाने के लिए मदद मांगने पहुंचा। रणजीत सिंह ने श्रद्धालु से टिकट की मांग की और टिकट दिखाने के बाद पालमपुर डिपो में फोन पर संपर्क साधा। पालमपुर बस स्टैंड इंचार्ज ने कंडक्टर का नंबर दिया, जिस पर बुकिंग एजेंट ने उनसे जानकारी ली। इसके बाद श्रद्धालु का बैग वापस पालमपुर से बुधवार को भेजा गया और दूसरी ओर से पालमपुर का बैग गुरुवार को चिंतपूर्णी बस स्टैंड में प्राप्त किया गया। श्रद्धालु ने रणजीत सिंह का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनकी मदद की और उनका बैग वापस दिलवाया। इस घटना से पता चलता है कि एचआरटीसी के बुकिंग एजेंट और कर्मचारियों की ईमानदारी और मदद करने की भावना ने श्रद्धालु की समस्या का समाधान किया। वहीं हरीश ने कहा कि हिमाचल के लोग ईमानदार होते हैं, इस बारे में काफी सुना था लेकिन अब इस धारणा को सत्य किया है।