माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव के लिए अंब कॉलेज में सोमवार से ऑडिशन प्रारंभ हुए। जिसमें पहले दिन पंद्रह कलाकारों ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए उपायुक्त ऊना के निर्देशानुसार गठित टीम के डीपीआरओ सचिन संगर की अध्यक्षता में गठित कमेटी सदस्यों जिला भाषा अधिकारी निक्कू राम, तहसीलदार अंब नरेश पटियाल और कॉलेज में म्यूजिक विषय की प्रो रचना ने आवेदकों का ऑडिशन लिया। महोत्सव में प्रस्तुति देने के इच्छुक अभ्यार्थियों ने सुबह ग्यारह बजे कमेटी के समक्ष अपने आवेदन प्रस्तुत किए। जिसके पश्चात् कमेटी ने उनकी प्रस्तुतियों को देखा और मूल्यांकन किया। पहले दिन ऑडिशन देने पहुंचे लोगों में अधिकांश कॉलेज के विद्यार्थी रहे। जिनमें महोत्सव में प्रस्तुति देने को लेकर खासा उत्साह दिखा। सबने माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव को नए और युवा कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने के एक बड़ा मंच बताते हुए कहा कि इस महोत्सव में उन्हें गत वर्ष की अपेक्षा कुछ अधिक समय दिया जाना चाहिए। कॉलेज सभागार में ऑडिशन के दौरान कमेटी की तरफ से कलाकारों को महोत्सव की गरिमा के अनुरूप पहनावा और प्रस्तुति बारे विशेष रूप से सलाह दी गई। डीपीआरओ सचिन संगर ने बताया कि कलाकारों को कमेटी की तरफ से गंभीरता से परखा जा रहा है। क्योंकि महोत्सव माता श्री चिंतपूर्णी जी के नाम से आयोजित किया जा रहा है। इसलिए कलाकारों को उनकी प्रस्तुति में किसी प्रकार की अश्लीलता अथवा मर्यादा के विरुद्ध बात को लेकर हिदायत भी दी जा रही है। इसके साथ ही प्रस्तुति के दौरान उनके पहनावे और वह क्या प्रस्तुति देंगे। इस बारे भी विस्तार से जानकारी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में लोक संस्कृति की झलक को लेकर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने प्रस्तुति देने आए कलाकारों को सुझाव दिया कि वह जो भी परफार्म करना है। उसकी बेहतर तैयारी के साथ आएं और अपनी विषय वस्तु को बेहतर तरीके से याद करके आएं। जिससे प्रस्तुति बेहतर बन सके। महोत्सव के लिए ऑडिशन देने आई आदर्श नगर अंब की कल्पना जसवाल ने बताया कि उनकी तरफ से भंगड़ा के लिए ऑडिशन दिया गया। ऑडिशन के वक्त जज काफी सहयोगी रहे और उनकी तरफ से प्रस्तुति के संबंध में दिए गए सुझाव महत्वपूर्ण थे। अंब कॉलेज में बीए फाईनल की छात्रा गुरप्रीत कौर ने ऑडिशन को बढ़िया शुरुआत बताते हुए कहा कि उसकी तरफ से गत वर्ष भी महोत्सव में धार्मिक प्रस्तुति (शबद) दी गई थी। इस वर्ष वह पंजाबी लोकगीत के लिए तैयारी कर रही हैं। गुरप्रीत ने सुझाव दिया कि नए कलाकारों को मंच पर पर्याप्त समय प्रदान किया जाना चाहिए। जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है। अंब कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा तानियां ने कहा कि वह और सहयोगी पहाडी नाटी के लिए ऑडिशन देने आई हैं। तानियां ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव नए कलाकारों को पहचान बनाने के लिए बेहतरीन मंच है। कॉलेज की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा सिमरन ठाकुर ने बताया कि उसने भांगड़ा के लिए ऑडिशन दिया। जोकि बढ़िया रहा। गत वर्ष भी उसकी तरफ से महोत्सव में प्रस्तुति दी गई थी।