गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल रायपुर मैदान में बच्चों को परीक्षा से पहले होने वाली दिखते स्ट्रेस तनाव चिंता क्यों होती है इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई तथा इसे कैसे दूर किया जा सकता है इस संबंध में भी बच्चों को समझाया। रिसोर्स पर्सन सेवा निवृत प्रवक्ता सतीश शर्मा ने बच्चों को जागृत करते हुए कहा कि जो बच्चे एवरेज तथा बेलो एवरेज रह जाते हैं क्योंकि वे कक्षा में अध्यापक के शब्दों पर पूरा ध्यान नहीं देते उनका ध्यान कहीं और होता है ।समय निकल जाने पर वही कंटेंट जीवन में कभी भी समझ नहीं आएगा। इसके अतिरिक्त बच्चों को कोई भी कंटेंट समझने के लिए रटा नहीं लगना चाहिए। उसको मनन करके दिमाग में बिठाकर खुद एक्सप्लेन करना चाहिए। अपने अंदर इतनी योग्यता पैदा कीजिए की आप उस कंटेंट का वर्णन खुद कर सकें। कहा कि बच्चे नशे से दूर रहे। यदि कोई बच्चा चपेट में आ ही गया है। तो वह आज से ही बुरी संगति छोड़ दे नशा अपने आप छूट जाएगा। इसके साथ ही दृढ़ संकल्प और मजबूत इच्छा शक्ति भी बुरी आदत को छोड़ने में सहायक सिद्ध होती है। बेटियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बेटियां हमारी धरोहर हैं बेटियों के लिए जीवन की बुलंदियों को यदि छूना है। तो उनके पास सबसे बड़ा एक हथियार है वह शिक्षा शिक्षा पर वह अपना समय इन्वेस्ट करें और फिर उसका आउटकम देखें बढ़िया रिजल्ट आएगा। यह अनुभव किया हुआ फार्मूला है। बेटियां आदत में सिंसियर होती हैं और यही कारण है कि आज बेटियां बेटों से हर क्षेत्र में आगे निकल रही हैं। परंतु अभी तक इन पर और काम करना बाकी है। जिसके लिए हम सब का कर्तव्य बनता है कि हम अपनी इन बेटियों बहनों को आगे बढ़ाने में मदद करें।