हिमाचल प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और ऊना विधानसभा क्षेत्र से विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मुद्दों को पहले भाजपा उठाती थी, अब उन पर कांग्रेस के नेता और वरिष्ठ अधिकारी भी खुलकर सवाल खड़े कर रहे हैं। पत्रकारों से बातचीत में सत्ती ने कहा कि भाजपा ने समय-समय पर प्रदेश में सामने आए विभिन्न कथित भ्रष्टाचार मामलों को जनता के सामने रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की कथित मित्र मंडली से जुड़े मामलों, पेखूबेला सौर ऊर्जा परियोजना, सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार, चेस्टर हिल भूमि प्रकरण, ट्रांसफर माफिया और विभागीय ठेकेदारों के भुगतान से जुड़े मामलों पर भाजपा लगातार सरकार को घेरती रही है। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस इन आरोपों को विपक्ष की राजनीति बताकर खारिज करती थी, लेकिन अब कांग्रेस के अपने नेता और अधिकारी भी भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठा रहे हैं। सत्ती ने पूर्व मुख्य सचिव, पूर्व वित्त सचिव और वर्तमान मुख्य सचिव के बीच सार्वजनिक रूप से सामने आए आरोप-प्रत्यारोप का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं। सत्ती ने कांग्रेस नेता नीरज भारती के हालिया बयानों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के भीतर से उठ रही आवाजें भाजपा के आरोपों को बल दे रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिभा सिंह और विक्रमादित्य सिंह द्वारा नीरज भारती के बयानों को महत्व दिए जाने से यह संकेत मिलता है कि सरकार के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए सत्ती ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की थीं, लेकिन वर्तमान सरकार उन्हें आगे बढ़ाने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है, जिसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है। टोल टैक्स के मुद्दे पर भी सत्ती ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधानसभा के भीतर और बाहर टोल टैक्स बढ़ाने के फैसले का विरोध किया था। सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के पंजाब और हरियाणा से सामाजिक, पारिवारिक और व्यावसायिक संबंध हैं तथा बड़ी संख्या में लोग रोजाना आवाजाही करते हैं। ऐसे में टोल दरों में वृद्धि से आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। सत्ती ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए टोल टैक्स बढ़ोतरी का फैसला वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदेश में टोल टैक्स पूरी तरह समाप्त करने की संभावनाओं पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।