अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से वीरवार को ऊना के जेएस विजडम स्कूल में 'पुलिस की पाठशाला' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक (एसपी) सचिन हीरेमठ ने मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। एसपी सचिन हीरेमठ ने विद्यार्थियों से कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सोच-समझकर करें और किसी भी मंच पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी लोगों की निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर उन्हें आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में सतर्क रहना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देना जरूरी है। उन्होंने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। एसपी ने ऑनलाइन निवेश और साइबर ठगी के बढ़ते मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि अधिक मुनाफे के लालच में बिना सत्यापन किसी भी योजना में पैसा निवेश नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला और विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि समाज में कहीं भी नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना पुलिस को दें। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशा मुक्त हिमाचल का लक्ष्य तय किया है और इसे सफल बनाने में समाज के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। जेएस विजडम स्कूल के प्रबंध निदेशक सुनील चौधरी ने अमर उजाला फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करते हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि कार्यक्रम में मिली जानकारी को अपने परिवार और समाज तक भी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें।