अधिवक्ताओं द्वारा अपनी मांगों को लेकर की गई हड़ताल के दौरान अंब न्यायालय के तीनों कोर्ट में हर रोज लगभग डेढ़ सौ के करीब लोगों के मामले प्रभावित हो रहे हैं। ज्ञात रहे कि आज तक अंब न्यायालय के तीनों कोर्ट में 3000 के करीब मामले पेंडिंग पड़े हुए हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि अगर उनकी मांगों को ध्यान में नहीं रखा गया तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं।