ऊना जिले में 31 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुके तापमान में राहत बनने वाला पेयजल लोगों को दूषित मिल रहा है। एमसी पार्क ऊना के पास स्थापित अत्याधुनिक तकनीक और वाटर प्यूरीफायर से युक्त प्याऊ इसका जीवंत उदाहरण है। यहां पर बोतल में पीने के लिए पानी भरने पर इसमें सफेद रंग के कण आ रहे हैं। बड़ा सवाल यह है जब इस प्याऊ में वाटर प्यूरीफायर है तो ऐसा दूषित पानी क्यों ? दूसरा इस प्याऊ को स्थापित किए अभी कोई ज्यादा समय नहीं हो पाया है। लाखों रुपये खर्च कर जल शक्ति विभाग की ओर से बनाया गया यह प्याऊ अपनी सार्थकता से दूर नजर आ रहा है। यहां तक कि इस पर स्वच्छ जल का संदेश देती एलईडी स्क्रीन भी बंद पड़ी हुई है। बीते कुछ दिन से पानी के अंदर आ रहे सफेद कण देख कर ज्यादा तर शहरवासी इससे पानी पीने से परहेज करने लगे हैं। उधर,जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि इस समस्या को जल्द समाधान करा दिया जाएगा