हिमाचल प्रदेश के सबसे पुराने कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक ने अपने 105 वर्षों के इतिहास में नया कीर्तिमान रचते हुए वर्ष 2024-25 में 199 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक मुनाफा दर्ज किया है। यह जानकारी बैंक के प्रदेश चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानिया ने शुक्रवार को बंगाणा में मीडिया से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों में एनपीए में 55 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि जब वर्तमान सरकार ने कार्यभार संभाला, उस समय बैंक की स्थिति गंभीर थी और एनपीए 1300 करोड़ से अधिक पहुंच चुका था। चेयरमैन पठानिया ने पूर्व भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में बिना किसी गारंटी के ऋण बांटे गए, जिससे बैंक की ऋण वसूली ठप हो गई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए वित्तीय अनुशासन की अनदेखी की गई, जिससे बैंक दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गया था। कुलदीप पठानिया ने बताया कि वर्तमान प्रबंधन ने कठोर निर्णय लेकर ऋण वसूली को प्राथमिकता दी और कानूनी कार्रवाई शुरू की। परिणामस्वरूप, दो वर्षों में लगभग 600 करोड़ रुपये की वसूली की गई और बैंक को लाभ की स्थिति में लाया गया। इस अवसर पर कुटलैहड़ विधायक विवेक शर्मा, एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, कमेटी अध्यक्ष राम आसरा शर्मा, वीडीसी सदस्य जोगिंद्र देव आर्य, देसराज मोदगिल, महिंद्र सिंह, कांग्रेस नेता सुदेश कुमार शर्मा, स्थानीय प्रधान उपप्रधान व अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।