विद्यार्थियों को ई-कचरे के दुष्प्रभावों और उसके उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बौल में जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को ई-कचरे के विभिन्न प्रकारों, सुरक्षित निपटान और पुनर्चक्रण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। विद्यालय की टीजीटी मेडिकल सोनिया शर्मा ने जागरूकता सत्र के दौरान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की। उन्होंने विद्यार्थियों को पुराने मोबाइल फोन, कंप्यूटर, बैटरी, चार्जर और अन्य अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से उत्पन्न होने वाले ई-कचरे के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि ई-कचरे का अनुचित निपटान पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे में फेंकने के बजाय निर्धारित संग्रह केंद्रों पर जमा करवाना चाहिए, ताकि उनका सुरक्षित निपटान और पुनर्चक्रण किया जा सके। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव प्रशर ने अपने संबोधन में ई-कचरे के सुरक्षित प्रबंधन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और दैनिक जीवन में पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार और समाज के लोगों को भी ई-कचरे के उचित निपटान के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। जागरूकता सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और ई-कचरे के सुरक्षित प्रबंधन को बढ़ावा देना रहा।