पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी द्वारा विदेश दौरे पर भारत के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर उन पर जबरदस्त हमलावर दिखे। ऊना जिला के एकदिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध किसी दल के साथ या किसी व्यक्ति के साथ हो सकता है। लेकिन राहुल गांधी की मानसिक स्थिति इस तक कदर डामाडोल हो चुकी है कि वह राजनीतिक और व्यक्तिगत विरोध करते-करते राष्ट्र और राष्ट्रीय विरोध पर उतारू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश पर सबसे लंबे समय तक जिस परिवार का राज रहा है। वही परिवार आज सत्ता से बाहर होकर विदेश में जाकर देश की बुराई कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को लेकर की गई टिप्पणी पर राहुल गांधी को तुरंत देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। अनुराग ठाकुर ने कहा “ आम आदमी पार्टी सुप्रीमो और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दो दिन बाद इस्तीफा दिए जाने की घोषणा को लेकर अनुराग ठाकुर ने उन पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल में नैतिकता नाम की कोई चीज बची ही नहीं है। उन्हें कुर्सी से उतरने के लिए लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा, जबकि माननीय न्यायालय की टिप्पणियों को भी उन्होंने नजर अंदाज करके अपनी हठधर्मिता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को इस समय अपना पद छोड़ देना चाहिए था जब उन पर शराब की गलत नीति को लेकर आरोप लगे। उन्हें कहा कि अरविंद केजरीवाल ज्यादा दिन तक बाहर नहीं रह पाएंगे उन्होंने शराब नीति को इस तरह से कुनीति बनाया है कि वह जल्द सलाखों के पीछे फिर से नजर आने वाले है। हिमाचल में कांग्रेस सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन पर बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा “कांग्रेस सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन से आज हिमाचल विशाल कर्ज के बोझ तले दब गया है। मार्च 2021 तक हिमाचल पर 62 हज़ार करोड़ कर कर्ज था, जो आज बढ़कर 95 हज़ार करोड़ हो गया है। कर्ज लेने की यही रफ़्तार रही तो 2027 तक हिमाचल 1.5 लाख करोड़ के कर्ज तले दबा होगा। कांग्रेस सरकार ने 1.5 वर्ष में प्रदेश का बँटाधार कर दिया है। प्रदेश पर महंगाई का बोझ, इंडस्ट्री के साथ बेरुख़ी, कर्मचारियों को सैलरी-पेंशन के लिए तरसाना दिखाता है कि कांग्रेस से सरकार चलाई नहीं जा रही। उद्योगों पर भी सेस बढ़ाया गया है जिस से राज्य में उद्योग पलायन कर रहे हैं। कांग्रेस ने चुनावों से पहले बड़े बड़े वादे किए मगर चुनाव के बाद वादे पूरे करना तो दूर प्रदेश की माली हालत इतनी ख़राब कर दी कि यहाँ वेतन और पेंशन के लाले पड़ गये हैं। कांग्रेस पार्टी अगर सरकार नहीं चला सकती तो इन्हें सरकार छोड़ देनी चाहिए”