जिला ऊना उपमंडल बंगाणा क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में इस समय किसान फॉल आर्मीवर्म नामक कीट जो कि मक्की की फसल को दिन प्रतिदिन बर्बाद करता चला जा रहा है। कुछ स्थानों पर तो किसानों ने मन बना लिया है कि अगली बार मक्की की फसल की बिजाई नहीं करेंगे। उनका कहना है कि मक्की की फसल बीज कर अब तो खेतों में खर्चा बेकार है, क्योंकि आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया जैसे हालात पैदा हो गए हैं। अब अगली बार खेतों में मक्की की बिजाई नहीं करेंगे। टकोली बेहला मांजरु, बही, लालशाह दुगियार बडोआ रौनखर डीहर राजपुरा, खैरियां सरनोटी चंबोआ चडोली बुहाणा ठठूह,चपलाह सहित अन्य स्थानों के किसानों में सेवानिवृत्त मेजर रधुवीर सिंह,राजेश कुमार संजीव कुमार सोम नाथ सोनी सुरेश ठाकुर नरेंद्र धीमान रवि शर्मा सोनू बाबा विजय शर्मा,देवी दास शर्मा जीवन मोदगिल संदीप कुमार, राकेश कुमार,रोशन लाल शर्मा, सहित अन्य किसानों का कहना है कि पहले ट्रैक्टरों का खर्चा, महंगे बीज खाद ओर अब खरपतवार नियंत्रण दवाईयों के साथ साथ इस फॉल आर्मीवर्म नामक कीट नियंत्रण दवाईयों का खर्च करके फ़सल को बचाना चुनौती बन गई है। आखिर किसान करें भी तो क्या करें। हजारों रूपए खर्च करके भी आमदनी नाम मात्र की हो रही है।किसान खेती करना भी नहीं छोड़ सकते,ओर हालात ऐसे हो गए हैं कि आमदनी अठन्नी खर्चा रूपया जैसे हालात हो गए हैं। वहीं, पर दूसरी ओर कृषि विभाग बंगाणा के कृषि विशेषज्ञय डॉ. सतपाल धीमान का कहना है कि उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के कृषि विभाग के कार्यालय में उचित दाम पर किसानों के लिए मक्की की फसल को फॉल आर्मीवर्म नामक कीट से बचाने के लिए उपलब्ध करवाई जा रही है। किसान कार्यालय में उचित दाम पर यह दवाई ले सकते हैं।