टकारला पंचायत में आयोजित श्ररामकथा महोत्सव के सातवें दिन प्रसिद्ध कथा वाचक निखिल महाराज ने राजा दशरथ की मृत्यु के बाद भरत के विलाप प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण व विस्तृत वर्णन किया। इसने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहराई से भाव-विभोर कर दिया। कथा के दौरान निखिल महाराज ने भरत की पीड़ा को शब्दों में पिरोते हुए बताया कि कैसे भरत ने अपने पिता की माैत और भाई राम के वनवास से गहरा आघात अनुभव किया। इस प्रसंग को सुनकर उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर उपस्थित रहे। कथा के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया और भजन-कीर्तन का आयोजन भी हुआ।