हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून बनाने की प्रदेश सरकार से मांग की है। इस संदर्भ में हिमाचल प्रदेश डॉ. बीआर अंबेडकर मिशन अनुसूचित जाति कल्याण समिति के प्रदेशाध्यक्ष ई. एमआर दड़ोच के नेतृत्व में डीसी ऊना जतिन लाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन पत्र भेजा गया। समिति के अनुसार वर्ष 1980 में स्वर्गीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में भारत सरकार ने छुआछूत-अत्याचार और भेदभाव से पीड़ित अनुसूचित जाति, जनजाति समाज के सामाजिक, आर्थिक तथा शैक्षणिक विकास की महत्ता को महसूस करते हुए अनुसूचित जाति के लिए विशेष कंपोनेंट प्लान और अनुसूचित जनजातियों के लिए अनुसूचित जनजाति उपयोजना का प्रावधान किया। लेकिन वर्तमान में इसका पैसा इस वर्ग के ऊपर पूरा खर्च नहीं किया जा रहा है और अन्य भागों में इस पैसे को मर्ज किया जा रहा है। जो कि इस वर्ग के साथ सीधे तौर पर शोषण हो रहा है।