उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि जिले में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों का वितरण निर्धारित प्राथमिकताओं के अनुरूप सुनिश्चित किया जाएगा। वे गुरुवार को व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गठित जिला स्तरीय कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में आपूर्ति को प्राथमिकता रहेगी। इसके अलावा होटलों-ढाबों, सामाजिक आयोजनों तथा अन्य संस्थानों को उपलब्धता और निर्धारित प्राथमिकताओं के अनुसार सिलिंडर का आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार वाणिज्यिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति बुकिंग तथा पिछले उपभोग के रिकॉर्ड के आधार पर की जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की ओर से व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों के वितरण के लिए जिला स्तरीय कमेटियों का गठन किया गया है। प्रत्येक जिले के उपायुक्त को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा उपनिदेशक उच्च एवं प्रारंभिक शिक्षा इसके सदस्य होंगे और जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। इसके अतिरिक्त तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी आवश्यकता अनुसार कमेटी में शामिल किया गया है। उपायुक्त ने बताया कि जिले में घरेलू गैस सिलिंडरों की कोई कमी नहीं है और विभिन्न गैस एजेंसियों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 8000 घरेलू गैस सिलिंडरों की आपूर्ति की जा रही है। इसके अतिरिक्त जिले में लगभग 7000 पीएनजी कनेक्शन भी क्रियाशील हैं, जिनके माध्यम से गैस की सुचारू आपूर्ति की जा रही है। उपायुक्त ने कमेटी के सदस्यों को निर्देश दिए कि बाजार में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राजीव शर्मा ने बताया कि जिले में घरेलू गैस सिलिंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी क्षेत्र से कमी की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।