जिला ऊना उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर इन दिनों चांदनी रातों में पुराने कलाकारों की ओर से सदियों पुरानी परंपराएं आज भी जिंदा हैं। इसके तहत लोगों के घर-घर जाकर नाच-गाना किया जा रहा है। क्षेत्र के चेला सोहनलाल उर्फ जंबा ने बताया कि यह कार्यक्रम सर्दियां शुरू होने से पहले तथा मक्की की फसल की कटाई खत्म होने के बाद तथा गेहूं की बिजाई से पहले यह पुरानी परंपरा के अनुसार चांदनी रातों में लोगों के घर-घर जाकर गायन किया जाता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसमें धार्मिक, सांस्कृतिक सहित हास्य-व्यंग्य सहित अन्य गीतों का गायन किया जाता है। इसे चाट की त्योहार भी कहा जाता है।