अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम का आयोजन पीएनबी आरसेटी ऊना में किया गया। इसमें सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता शाम दुलारी ने बतौर मुख्यअतिथि शिरकत की। जबकि संस्थान के निदेशक पारुल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक आकाश भारद्वाज और कुलदीप भी मौजूद रहे। मुख्य अतिथि ने प्रशिक्षुओं को महिला सशक्तीकरण के बारे में जानकारी दी और सरकार की ओर से महिलाओं के लिए बनाए गए कानून के बारे में जागरूक किया। साथ ही अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को जागरूक करने की अमर उजाला की यह पहल सराहनीय है। इससे जहां एक ओर महिलाएं जागरूक हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर अपने अधिकार और कर्तव्य के प्रति सजग भी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि लड़का और लड़की में भेदभाव नहीं होना चाहिए। सभी को एक समान दृष्टि से देखना चाहिए। कानून जहां महिलाओं के लिए बने हैं, वैसे ही पुरुषों के लिए भी हैं। उन्होंने सरकार की ओर से महिलाओं के लिए बनाए गए निशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1091 और 100 नंबर पर भी ज्ञान बांटा। किसी भी प्रकार की प्रताड़ना की शिकार महिला महिला पुलिसकर्मी के साथ अपनी बात बेझिझक कर रख सकती है और न्याय प्राप्त कर सकती है। महिलाओं को अत्याचार सहन नहीं करना चाहिए उन्होंने कहा कि किसी भी अत्याचार को रोकने का पहला कदम महिलाओं को ही उठाना होगा। तब यह अत्याचार थमेंगे । अन्यथा अत्याचार करने वालों के हौसले और भी बुलंद होते जाएंगे। जहां परेशानी है साथ में है उनका समाधान भी है। सुबह लड़कर शाम को मुस्कुराकर बात करके आगे बढ़ाने में ही सबकी भलाई है। उन्होंने कहा कि नौकरीपेशा महिलाएं भी घटनाओं की शिकार हो रही है और अपने स्टाफ से तंग आकर उनके झांसे और झूठे प्रलोभनों में फंस रही है। चंद पैसों के लालच में आकर समाज में अधिकतर महिलाएं ऐसे कदम उठा रही हैं जोकि बड़े शर्म की बात है। सामाजिक राजनीतिक तौर पर महिलाओं को सशक्त होना बहुत जरूरी है और अमर उजाला का यह कार्यक्रम काफी सराहनीय कार्यक्रम है। इससे समाज में महिलाओं में जागृति आ रही है और अपनी बात रखने को भी मंच मिल रहा है।