आयुर्वेद चिकित्सक अधिकारी डॉक्टर पल्लवी शर्मा ने कहा कि समाज में महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न को रोकने के लिए सजग होना पड़ेगा। इसके लिए जरूरी है कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो। उन्होंने यह बात अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से हिम कैप्स नर्सिंग संस्थान बढ़ेडा जिला ऊना में आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में प्रशिक्षु नर्सो को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में लाइफस्टाइल में बदलाव आना बहुत जरूरी है और इसके लिए आज के भाग दौड़ बड़ी जिंदगी में योग परिणाम और सूर्य नमस्कार जैसी क्रियाएं जरूर नियमित तौर पर करनी चाहिए। महिलाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ और सशक्त बना भी बहुत जरूरी है। अगर महिला शारीरिक रूप से सशक्त होंगी तो वह हर प्रकार की स्थिति का सामना कर सकती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में बच्चों को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी एकाग्रता के साथ ध्यान केंद्रित करके उसे साधने का हर संभव प्रयास करना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि वह अपनी दिनचर्या में कोई ना कोई एक ऐसा नया काम करें। जिससे उनकी सोच में भी बदलाव आए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने साथ हो रहे अपराध को सहना नहीं है। बल्कि उसका सामना करने के लिए अपनी आवाज बुलंद करनी है ताकि अपराध को बढ़ावा ना मिल सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने सेहत के प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है। स्वच्छता का ध्यान रखना और ज्ञान का प्रयोग करने से ही इसकी वृद्धि होती है। 24 घंटे में एक तिहाई नींद लेना बहुत जरूरी है। सूर्य अस्त के साथ सोना और सूर्य उदय होने से पहले उठना ही एक स्वस्थ शरीर के निर्माण का मुख्य आधार है। जो ब्रह्मांड में है वह हमारे शरीर में है। खुश रहना चाहिए और इसमें इजाफा करने के लिए जब भी अवसर मिले तो जोर-जोर से हंसना चाहिए। जिससे मानव का शरीर और उसकी कोशिकाएं प्रफुल्लित होती है और नएरक्त का संचार बढ़ता है। उन्होंने प्रशिक्षु नर्सों से संतुलित आहार करने ड्राई फूड खाने जंक फूड से परहेज करने का आह्वान किया। मेंटल हेल्थ के ऊपर भी उन्होंने टिप्स दिए और कहा कि अपनी डाइट में संतुलित आहार जरूर शामिल करें। दूध फ्रूट और खाने का टाइम टेबल जरूर निश्चित करें। जिससे वजन भी बराबर रहता है और विभिन्न प्रकार के रोगों के संक्रमण से भी बचा जा सकता है। संस्थान के चेयरमैन विश्वजीत सिंह ने कहा कि अमर उजाला का कार्यक्रम बच्चों की सोच में बदलाव लाने में एक सराहनीय पहल है और जो यहां पर जानकारी दी गई। उन्होंने सभी प्रशिक्षु नर्सों से अपने परिवार और समाज में भी जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। प्रिंसिपल ने कहा कि अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम से प्रशिक्षु नर्सों की सोच में बदलाव आया है और एक नई दिशा की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिली है।